सोनीपत
38,400 प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की खेप वाले एन.डी.पी.एस. केस में 16 महीने से फरार चल रहा 10,000 रुपए ईनामी अंतर्राज्यीय नशा तस्कर आखिरकार एस.टी.एफ. और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम के हत्थे चढ़ गया।
यह कार्रवाई डी.जी.पी. ओ.पी. सिंह के निर्देशों पर चल रहे राज्यव्यापी अभियान ऑप्रेशन हॉटस्पॉट डॉमिनेशन तहत की गई। गिरफ्तारी रोहतक यूनिट ने एस.पी. मोहित हांडा के नेतृत्व और डी.एस.पी. जगजीत सिंह के मार्गदर्शन में की। रोहतक यूनिट इंचार्ज राकेश कुमार नुसार आरोपी भानु प्रताप सिंह निवासी यू.पी. सोनीपत में वांटेड था। इस केस में अब तक 4 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
वर्ष 2024 में पुलिस ने 38,400 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ मुख्य आरोपियों सुधीर निवासी झज्जर, जितेंद्र निवासी झज्जर को पकड़ा था। उनसे खुलासा होने पर ललित निवासी रोहतक को भी जेल भेजा गया। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरी खेप भानु प्रताप सिंह से खरीदी गई थी, जो इसके बाद से फरार हो गया था। एच.एस.एन.सी.बी. ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार का ईनाम रखा था। गुप्त सूचना पर एस.टी.एफ. पलवल ने छापा मारकर आरोपी को धर-दबोचा और रोहतक यूनिट को सौंप दिया।
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