नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। आरोपियों में डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद शामिल हैं। इन सभी चारों आरोपियों को पिछली कस्टडी पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन सभी चार आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर नबी, आदिल अहमद, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और इरफान अहमद मिलकर एक बड़ी साजिश रच रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य राजधानी में बड़े स्तर पर अशांति फैलाना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. उमर नबी ने ही कार में विस्फोट किया था।
चारों मुख्य आरोपियों को एनआईए की हिरासत समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ जुटाए गए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की गई। अदालत ने गंभीरता को देखते हुए सभी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले के पांचवें आरोपी बिलाल नासिर को भी अदालत लाया गया, लेकिन उसे पेश करने का उद्देश्य अलग था। एनआईए ने उससे वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी है, ताकि कथित साजिश से जुड़े इंटरसेप्टेड कॉल्स और डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा सके। जांच एजेंसी की मानें तो यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
बता दें कि दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए आतंकी विस्फोट से पूरा देश सहम गया था। शाम करीब 6:52 बजे हाई ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी सफेद हुंडई आई20 कार में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भयानक था कि कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं, पास की दुकानों के शीशे बिखर गए। इस विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
इस पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही है, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग का भी खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी डॉ. उमर (अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा), पुलवामा का रहने वाला था, जो आईएसआईएस से प्रेरित बताया जा रहा है।
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