फरीदाबाद
हरियाणा सरकार ने टैक्सी चलाने की अनुमति अवधि बढ़ाकर जिला फरीदाबाद के करीब 28 हजार टैक्सी मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब पेट्रोल और सीएनजी टैक्सी 9 के बजाय 12 साल तक चल सकेंगी, जबकि डीजल टैक्सी 10 साल तक ही चलाई जाएंगी। कैबिनेट की 8 दिसंबर को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। आरटीओ अधिकारी ने कहा कि आदेश का इंतजार है, लिखित निर्देश मिलते ही लागू किया जाएगा। नॉन-एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर चलने वाली ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली गाड़ियां 12 साल तक चलाई जा सकेंगी। इससे दूर-दराज जिलों में टैक्सी सेवाओं का विस्तार होगा। सरकार का मानना है कि टैक्सी संचालन की अवधि बढ़ने से परिवहन ढांचे में मजबूती आएगी। वाहन मालिकों का आर्थिक दबाव कम होगा और सवारियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
स्कूल बसों के लिए 15 साल की अवधि : एनसीआर में स्टेज कैरिज, कांटेक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों की उम्र बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है। यह नियम पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और अन्य इंजन वाली गाड़ियों पर लागू होगा, जबकि डीजल बसें 10 साल तक ही चल सकेंगी। यह निर्णय स्कूलों और परिवहन कंपनियों को बड़ी राहत देगा। बसों को बदलने में भारी खर्च आता है।
एनसीआर में टूरिस्ट परमिट गाड़ियों को बड़ी राहत
हरियाणा मोटर व्हीकल एक्ट 1993 के तहत ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट श्रेणी की वाहनों के लिए चलाने की अधिकतम अवधि तय की गई है। एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक टैक्सी 12 साल तक चल सकेंगी, जबकि डीजल टैक्सी को 10 साल की सीमा में रखा गया है। यह फैसला ड्राइवरों और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए बड़ा लाभ साबित होगा। इससे टैक्सी मालिकों को नया वाहन खरीदने के बोझ से राहत मिलेगी और रोजगार भी सुरक्षित रहेगा।
फरीदाबाद आरटीओ को आदेश का इंतजार
फरीदाबाद आरटीओ मनीष सहगल ने बताया कि सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाने के निर्णय की जानकारी है, लेकिन अभी विभाग को लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश आते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। वर्तमान में फरीदाबाद में 28000 टैक्सी रजिस्टर्ड हैं, जिनमें लगभग 20,950 पेट्रोल व सीएनजी, 6 केवल सीएनजी और 4,279 डीजल टैक्सियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों की टैक्सियां भी इस नियम से लाभ उठा सकेंगी, जिससे टैक्सी बाजार में सुगमता आएगी।
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