‘जवाबदेही तय होगी’—दिल्ली में राहुल गांधी ने मंच से चुनाव अधिकारियों पर साधा निशाना, कार्रवाई का इशारा

राजनीती

नई दिल्ली
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली में रविवार को सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। साथ ही चुनाव अधिकारियों को हिदायत दी कि वे इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी है। हिंदुस्तान में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हो रही है। इस लड़ाई में चुनाव आयोग, भाजपा की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, विवेक जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्य-असत्य की इस लड़ाई में ये चुनाव आयुक्त भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, जिसमें ये कुछ भी करें, इन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता, लेकिन याद रखिए हम इन चुनाव आयुक्तों की रक्षा करने वाले कानून को बदलेंगे और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि गांधीजी कहते थे, सत्य सबसे जरूरी चीज है। हमारे धर्म में ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ और ‘सत्यमेव जयते’ के बारे में भी कहा गया है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं, विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है। जिसके पास शक्ति है, उसे माना जाता है। यह आरएसएस और मोहन भागवत की सोच है। जहां एक तरफ हमारा धर्म कहता है कि सत्य सबसे जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ मोहन भागवत कहते हैं, सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। आज देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है। हम सत्य के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि उन्हें पता है कि हमारी वोट चोरी पकड़ी गई है। अमित शाह भी तभी तक बहादुर हैं, जब तक इनके हाथ में सत्ता है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भाजपा को चुनाव आयोग की जरूरत है, क्योंकि उसके बिना नरेंद्र मोदी चुनाव नहीं जीत सकते। हमें चुनाव आयोग के तीन अधिकारियों के नाम नहीं भूलने हैं, क्योंकि ये लोग लोकतंत्र पर वार कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब पूरा विपक्ष कह रहा है कि चुनाव आयोग पर हमें भरोसा नहीं रहा। चुनाव प्रक्रिया के हर कदम को चुनाव आयोग ने संदिग्ध बना दिया है। आज देश की हर संस्था को मोदी सरकार ने अपने सामने झुका दिया है।
उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देती हूं, भाजपा एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़ ले। ये कभी नहीं जीत पाएंगे और यह बात भाजपा भी जानती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हालात ये हैं कि पिछले आम चुनाव में मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया, कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया, भ्रष्टाचार के नाम पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का दिल कमजोर था, जो इस दबाव को सह नहीं पाए, वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ऐसे नेताओं को अपने वॉशिंग मशीन में धोकर पाक-साफ बनाती रही।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जब मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया तो मोदी सरकार नहीं मानी। आखिर में सरकार ने कहा कि हम पहले ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करेंगे, फिर एसआईआर और वोट चोरी पर बात करेंगे। सदन में हम ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करते रहे, लेकिन मोदी सरकार में जनता के मुद्दों पर बात करने की हिम्मत नहीं दिखी।

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