चंडीगढ़
प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार प्रदेशभर में करीब 4 हजार नए राशन डिपो खोलने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार हर जिले और गांव में 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो स्थापित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही राशन उपलब्ध हो सकेगा।
इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कुल नए डिपो में से लगभग 33 प्रतिशत, यानी करीब 1320 डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हालांकि, योजना को लागू करने से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनमें पात्रता के नियम, आवेदन की शर्तें, जांच प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के दौरान आवश्यकतानुसार कुछ बदलाव भी संभव हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं।
खाद्य आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार ने बताया कि नए डिपो खोलने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंत तक नए राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं। इन डिपो के माध्यम से 40 लाख 69 हजार से अधिक परिवारों को राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें कुल 1 करोड़ 59 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य में पीला (BPL), गुलाबी (AAY) और खाकी श्रेणी के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं।
पीले कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं, 2 लीटर तेल और 1 किलो चीनी मिलती है, जबकि गुलाबी कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं, 2 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो चीनी दी जाती है। नए डिपो खुलने से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम व पारदर्शी होने की उम्मीद है।
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