हैदराबाद
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर ‘यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स’ (वाईआईआईआरएस) कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार तेलंगाना में कुल 105 वाईआईआईआरएस स्थापित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, इन विद्यालयों के माध्यम से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग चार लाख छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाईआईआईआरएस और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण पर करीब 30,000 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। उन्होंने शिक्षा अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश को देखते हुए इस उद्देश्य के लिए लिए जाने वाले ऋणों को राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम की सीमाओं से छूट देने का अनुरोध किया।
इस दौरान कांग्रेस सांसद किरण कुमार चामाला, डॉ. मल्लू रवि, सुरेश शेटकर और अनिल कुमार यादव भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि सितंबर में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर 30,000 करोड़ रुपये के वाईआईआईआरएस कार्यक्रम के लिए विशेष वित्तीय सहायता और एफआरबीएम छूट की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि यह पहल लाखों बच्चों की शिक्षा और पोषण में बदलाव लाएगी, हाशिए पर रहने वाले समुदायों को सशक्त करेगी और भारत के जनसांख्यिकीय लाभ को मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इस दीर्घकालिक मानव पूंजी निवेश के लिए एफआरबीएम छूट देने का आग्रह दोहराया और कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन की चुनौतियों से निपटने के लिए शुरू किया गया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की और हैदराबाद में एक भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि आईआईएम के लिए आवश्यक 200 एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है और अस्थायी परिसर में तुरंत कक्षाएं शुरू करने की व्यवस्था भी तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी मांग की कि तेलंगाना में जिलों की संख्या बढ़ने के अनुरूप 9 केंद्रीय विद्यालय और 16 जवाहर नवोदय विद्यालयों को मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन विद्यालयों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को तैयार है।
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