अहमदाबाद
बुधवार को अहमदाबाद के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। एकाएक आए इस धमरी भरे ईमेल ने सबके कान खड़े कर दिए। पुलिस बल के साथ बम स्क्वॉड भी पहुंचा, एहतियातन स्कूल खाली कराए गए और जांच अब भी जारी है। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बम से उड़ाने की धमकी देने वाले खालिस्तानी हो सकते हैं। उनके निशाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संसदीय क्षेत्र और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का साबरमती जेल भी थी। ईमेल में बदला लेने की बात भी कही गई है।
अहमदाबाद पुलिस के एक बयान के अनुसार, बुधवार को कई स्कूलों को एक ईमेल मिला जिसमें लिखा था, "हम बदला लेंगे"। संदेश की डरावनी प्रकृति को देखते हुए, स्कूलों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने कहा, "पुलिस की टीमें संबंधित स्कूलों में मौजूद हैं और जांच कर रही हैं।"
जिन स्कूलों को ये ईमेल मिले हैं, उनमें महाराजा अग्रसेन स्कूल, जाइडस स्कूल फॉर एक्सीलेंस और जेबर स्कूल सहित कई शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि इन ईमेल के पीछे खालिस्तान से जुड़े तत्वों का हाथ हो सकता है, जिससे स्कूलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
एक अभिभावक ने स्कूल की ओर से जारी किए गए नोटिस को साझा किया, जिसमें लिखा था: "आपको सूचित किया जाता है कि कुछ असुविधा के कारण, हमें विद्यालय परिसर को खाली करना पड़ रहा है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द अपने बच्चे को आकर ले जाएं।" समाचार एजेंसी 'ANI' से बात करते हुए, एक पिता ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मात्र 10 मिनट में स्कूल पहुंच गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या स्कूल के सुरक्षा उपाय मानकों के अनुरूप हैं, तो उन्होंने सहमति जताते हुए कहा कि वे बेहतरीन हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी ने व्हाट्सएप मैसेज नहीं देखा था, तो स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें तुरंत फोन करके जानकारी दी। अहमदाबाद से पहले भी देश के अन्य हिस्सों में स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं।
अमृतसर, पंजाब (12 दिसंबर): यहां के कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी। ADCP-2 श्रीवेनेला के अनुसार, एंटी-सबोटेज (भंग-रोधी) जांच के बाद ये धमकियाँ फर्जी पाई गईं।
दिल्ली (10 दिसंबर): दिल्ली के दो स्कूलों को बम की धमकी मिली थी। इसमें संस्कृति स्कूल को मिला ईमेल बेहद गंभीर था, क्योंकि उसमें सीधे तौर पर खालिस्तान आंदोलन का जिक्र था।
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