पेरिस के समारोह में कूटनीतिक तनाव, ताइवान का झंडा दिखाने पर चीन के दूतावास कर्मियों की दबंगई

दुनिया

पेरिस 
फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चाय प्रतियोगिता उस वक्त कूटनीतिक विवाद में बदल गई, जब चीनी दूतावास के कर्मचारियों ने ताइवान का नाम और झंडा दिखाए जाने पर पुरस्कार समारोह बाधित करने की कोशिश की। फ्रांस के पेरिस में आयोजित ‘टीज़ ऑफ द वर्ल्ड इंटरनेशनल कॉन्टेस्ट’ के पुरस्कार समारोह के दौरान चीनी दूतावास के कर्मचारियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। यह घटना तब हुई, जब आयोजकों ने ताइवान का उल्लेख किया और रिपब्लिक ऑफ चाइना (ताइवान) का झंडा प्रदर्शित किया। ताइवान के ताइचुंग शहर के जुशिन टी फैक्ट्री के सीईओ ह्सीह चुंग-लिन को उनकी हुआगांग स्नो सोर्स टी के लिए विशेष पुरस्कार दिया जा रहा था।
 
इसी दौरान चीनी दूतावास के दो प्रतिनिधि खड़े हो गए और जोर-जोर से नारे लगाने लगे “ताइवान चीन का ही एक प्रांत है” और “ताइवान चीन का हिस्सा है।”घटना का वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना शुरू हो गई। आयोजकों ने चीनी प्रतिनिधियों की इस हरकत को नजरअंदाज करते हुए समारोह जारी रखा, जबकि दर्शकों ने चीनी कर्मचारियों को हूट किया और ताइवान के प्रतिनिधि के समर्थन में तालियां बजाईं। समारोह के बाद आयोजित रात्रिभोज में ह्सीह चुंग-लिन ने कहा कि कई प्रतिभागियों ने उन्हें बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान ताइवान की भूमिका के चलते दुनिया में उसके प्रति सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन की ऐसी हरकतें केवल नाराजगी और विरोध को ही जन्म देती हैं।
 
ताइवान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ह्सियाओ कुआंग-वेई ने चीन को अंतरराष्ट्रीय शिष्टाचार का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं बीजिंग को वैश्विक मंच पर मज़ाक का पात्र बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन को ताइवान के साथ सम्मानजनक और समान आधार पर संवाद करना चाहिए। गौरतलब है कि AVPA (एजेंसी फॉर द वैलोराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में हर साल 700 से अधिक वैश्विक उत्पादक भाग लेते हैं। इस वर्ष अमेरिका, जापान और श्रीलंका के चाय उत्पादक भी प्रतियोगिता में शामिल थे।

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