‘नो PUC, नो फ्यूल’ का दिखा असर, राजधानी में PUC बनवाने उमड़ी भीड़—61 हजार सर्टिफिकेट जारी

राज्य

नई दिल्ली

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ अभियान को पूरी सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इस अभियान का असर पहले ही दिन दिखाई दिया। पिछले 24 घंटों के भीतर राजधानी में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) जारी किए गए। सरकार का कहना है कि यह अभियान इसी तरह तेजी से और लगातार जारी रहेगा, ताकि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाया जा सके।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम से लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन सभी वाहनों का प्रदूषण जांच कराना और उनका प्रमाणन सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस नियम के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं है, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।

एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन को दिल्ली में ईंधन भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर की बिगड़ती हवा को सुधारने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। सीएम ने कहा, “लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन दिल्ली में चलने वाले हर वाहन को प्रदूषण फैलाए बिना चलाना चाहिए। यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपने वाहनों को PUC प्रमाणित कराएं।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परिवहन व्यवस्था में सुधार वायु गुणवत्ता में सुधार की कुंजी है।” उन्होंने समझाया कि कार-पूलिंग का मतलब है कि एक ही स्थान पर जाने वाले दो या दो से अधिक लोग एक ही वाहन में यात्रा करें। सीएम ने यह भी बताया कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण परीक्षण के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने वाले केंद्रों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब नंद नगरी, बुराड़ी और तेहखंड में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

नहीं दिया जा रहा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण से लड़ने के लिए चार बड़े मोर्चों पर काम कर रही है: वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल, उद्योगों से होने वाला प्रदूषण और कचरा प्रबंधन। सिरसा ने बताया कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, बीएस-6 मानकों से नीचे के गैर-जरूरी बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी सख्ती लागू की गई है।

‘चालान काटने के लिए नहीं है यह अभियान’- मनजिंदर सिरसा

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और जनपथ सहित कई पेट्रोल पंपों का अचानक दौरा कर अभियान का जायजा लिया। उन्होंने पेट्रोल पंप कर्मियों को निर्देश दिए कि नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए, लेकिन वाहन मालिकों से शालीनता और शांति के साथ पेश आएं। मंत्री ने कहा कि यह अभियान चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत बचाने के लिए है।

आंकड़ों के मुताबिक, 17 दिसंबर को 29,938 और 18 दिसंबर की शाम तक 31,974 PUC सर्टिफिकेट जारी किए गए। यानी करीब एक दिन में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए PUC बनवाया या नवीनीकरण कराया गया। इसी दौरान 3,746 वाहनों का चालान उन वाहनों के लिए काटा गया जिनके पास वैध PUC नहीं था।

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए किए गए ये काम

सीमावर्ती इलाकों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने करीब 5,000 वाहनों की जांच की। इनमें से 568 गैर-अनुपालक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि 217 गैर-जरूरी ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया गया। सड़कों की धूल कम करने के लिए राजधानी में 2,300 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मशीन से सफाई की गई। इसके अलावा, मोबाइल एंटी-स्मॉग गन के जरिए 5,524 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया। प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों में 132 अवैध कचरा डंपिंग स्थलों को बंद कराना और करीब 38,000 मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान शामिल है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की कि वे GRAP नियमों का पालन करें, समय पर PUC बनवाएं और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं जीत सकती। मंत्री ने जोर देकर कहा कि आम जनता के सहयोग के बिना दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना संभव नहीं है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry