बिना गारंटी ब्याज मुक्त ऋण से गांव में शुरू किया खुद का डिजिटल उद्यम

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
जब हालात इंसान को चारों तरफ से घेर लेते हैं और रास्ते बंद नजर आने लगते हैं तब या तो व्यक्ति टूट जाता है या फिर इतिहास रचता है। लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने दूसरा रास्ता चुना। डिप्रेशन, आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा से गुजरते हुए उन्होंने न केवल खुद को संभाला बल्कि एक ऐसी पहचान बनाई जो आज उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की मिसाल बन चुकी है। यह कहानी केवल एक युवक की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार के विजन से जीवन, संघर्ष से सफलता में बदल जाता है । 

खेती की गिरती आय और जिम्मेदारियों का दबाव
लखीमपुर खीरी जैसे कृषि प्रधान जिले में पले-बढ़े मुजाहिद का परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर था। समय के साथ खेती की लागत बढ़ती गई लेकिन आमदनी घटती चली गई। परिवार की जरूरतें बढ़ीं। बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता ने आर्थिक दबाव को और गहरा कर दिया। मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो निराशा मन में घर करने लगी।

डिप्रेशन के साथ समाज की बेरुखी भी झेलनी पड़ी
लगातार तनाव ने मुजाहिद को डिप्रेशन की स्थिति में पहुंचा दिया। मानसिक संघर्ष के इस दौर में उन्हें सहयोग की जगह ताने मिले। लोग मजाक बनाने लगे। आत्मविश्वास टूटने लगा और भविष्य धुंधला नजर आने लगा। लखीमपुर खीरी में ही उन्हें समय पर इलाज और काउंसलिंग मिली जिससे उन्हें दोबारा सकारात्मक सोचने और खड़े होने की ताकत दी। उनके जीवन का तीन साल डिप्रेशन में बीत गए थे।

योगी सरकार के विजन से मिली नई राह
स्वास्थ्य में सुधार के बाद मुजाहिद के सामने सबसे बड़ा सवाल आजीविका का था। इसी मोड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उनके जीवन में निर्णायक साबित हुई। बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा ने उस डर को खत्म कर दिया, जो वर्षों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहा था। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने प्रक्रिया में सहयोग किया और भरोसा दिया कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।

डिजिटल सोच से गांव में बदलाव ला रहे है मुजाहिद 
ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने सबसे पहले डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और उन्होंने उन लोगों की सहायता की जो केवल ऑफलाइन व्यापार कर रहे थे। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार और सेवा प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे। गांव में डिजिटल सेवाओं का एक नया केंद्र तैयार हो गया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का जमीनी रूप था। इसके बाद उन्होंने थायरोकेयर की फ्रेंचाइजी ली और सलबोटॉमिस्ट का कोर्स किया। इस कोर्स के जरिए उन्होंने ब्लड सैंपल कलेक्शन की पूरी प्रक्रिया सीखी। फिर अपने गांव से ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजना शुरू किया। इससे ग्रामीणों को घर के पास जांच सुविधा मिलने लगी।

संघर्ष से सफलता की नींव होती जा रही है मजबूत
आज मुजाहिद का व्यवसाय मजबूती से चल रहा है। वे हर माह आसानी से 5000 रुपये की किश्त जमा कर रहे हैं। 400 से अधिक सेवाएं प्रदान कर वे गांव के लिए भरोसे का नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपनी फर्म एमएसओ इंटरप्राइजेज बनाकर फ्रेंचाइजी देना भी शुरू कर दिया है, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया जिसके माध्यम से वे लोगों को डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलने के साथ गाँव में पहचान भी मिलने लगी है।

नेतृत्व को श्रेय और आत्मनिर्भरता की भावना
मुजाहिद अपनी सफलता का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। वह कहते है कि "यदि सरकार ने युवाओं पर भरोसा न किया होता तो वे आज भी संघर्ष में फंसे रहते। डिजिटल इंडिया को लेकर सरकार की पहल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों तक रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।  योगी सरकार का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना मेरे जीवन में साकार हुआ है।"

परिवार के सपनों को मिली नई उड़ान
जीवन में आर्थिक स्थिरता आने के बाद मुजाहिद का पारिवारिक जीवन पूरी तरह बदल गया। अब वे अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ संतोष और सम्मान का जीवन जी रहे हैं। अपने तीनों बच्चों का दाखिला उन्होंने निजी स्कूल में कराया जिससे कि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके। दुकान के पीछे एक कमरा बनवाकर अपने परिवार को वहीं शिफ्ट कर लिया। 

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रति लोगों को कर रहे जागरूक
सफलता मिलने के बाद मुजाहिद का सपना केवल स्वयं तक सीमित नहीं है। वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने का भी काम कर रहे हैं, जिससे कि जरूरतमंद युवा इसका लाभ ले सकें। उन्होंने अपने गांव की लड़कियों के लिए एक सप्ताह का निशुल्क कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे वे डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें और आत्मनिर्भर हो सकें।

युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही मुजाहिद शेख की कहानी
मुजाहिद शेख की कहानी बताती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों लेकिन सही नेतृत्व, सही नीति और मजबूत इच्छाशक्ति से जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। यह कहानी हर उस युवा को प्रेरित करने का काम कर रही है जो आज संघर्ष की राह पर अग्रसर है। योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन आज युवाओं को बड़ा अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुजाहिद शेख उसी विजन का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आये हैं।

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