भारत-न्यूजीलैंड का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, कीवी के दाम में गिरावट की उम्मीद

देश

 नई दिल्‍ली
अमेर‍िका ने जबसे टैरिफ को लेकर भारत से ट्रेड डील पर पेंच फंसाया, तबसे भारत की रणनीति बदली हुई नजर आ रही है. भारत एक के बाद एक देशों के साथ लगातार डील कर रहा है, वह भी फ्री ट्रेड डील (FTA). ताकि भारतीय प्रोडक्‍ट्स की डिमांड अमेरिका के अलावा अन्‍य देशों में भी बढ़े और अमेरिका के टैरिफ का भी खास असर न हो. 

FTA  डील को लेकर सरकार का मकसद भारतीय एक्‍सपोर्ट को नई ऊंचाई पर ले जाना है. हाल ही में भारत ने यूके, ओमान और अब न्‍यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड डील की है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत आने वाले विदेशों से समान सस्‍ते होंगे और यहां से जाने वाले प्रोडक्ट के रेट कम होंगे, जिससे दोनों देशों को संतुलित व्‍यापार अवसर मिलेगा. 

भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच डील से कीवी फल को लेकर खूब चर्चा हो रही है कि इसका आयात भारत में बढ़ सकता है, क्‍योंकि एफटीए डील के बाद इसके रेट कम हो सकते हैं. अभी भारत में एक कीवी का एवरेज प्राइस 50 रुपये या उससे ज्‍यादा है. इसके दाम पर कितना असर पड़ेगा? ये जानने से पहले कीवी के भारत में इम्‍पोर्ट और उसपर ड्यूटी के गणित को समझना जरूरी है. 

न्‍यूजीलैंड से कितना कीवी भारत आता है? 
न्यूजीलैंड कीवी का बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन भारत सिर्फ 5 फीसदी ही कीवी न्‍यूजलैंड से आयात करता है. 2023 में भारत ने कुल लगभग 55,000 टन कीवी आयात किया था. इसमें न्‍यूजीलैंड से करीब 2,700 टन कीवी न्यूजीलैंड से आया था. हालांकि अब न्‍यूजीलैंड से एफटीए होने के कारण इसपर लगने वाला टैक्‍स कम हो जाएगा. भारत भी बड़े मात्रा में न्‍यूजीलैंड से कीवी आयात कर सकता है, क्‍योंकि इम्‍पोर्ट टैक्‍स हटने से न्‍यूजीलैंड से कीवी अन्‍य देशों की तुलना में सस्‍ते दरों पर मिलेंगे. 

न्‍यूजीलैंड की कीवी पर कितना टैक्‍स? 
भारत न्‍यूजीलैंड से बहुत सी चीजें आयात करता है, जिसमें फल (कीवी), ऊन, लकड़ी, ड्राई फ्रूट और अन्य कृषि प्रोडक्‍ट्स शामिल हैं. अब एफटीए डील के बाद इन चीजों में से ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स पर टैक्‍स घटकर 0 कर दिया जाएगा. कीवी पर अभी 33 फीसदी इम्‍पोर्ट टैक्‍स लगता है, लेकिन एफटीए डील के बाद यह 0% हो जाएगा.  

कितने कम हो जाएंगे न्‍यूजीलैंड वाले कीवी? 
FTA के तहत पहले 6,250 टन कीवी पर ड्यूटी फ्री रखा गया है. अगले कुछ सालों में यह कोटा बढ़ाकर 15,000 टन तक करना है, लेकिन अगर कोटा से भी बाहर आयात हुआ तो थोड़ा टैक्‍स ही लगेगा यानी पहले से कम टैक्‍स लगेगा.  इसका मतलब है कि इम्‍पोर्ट टैक्‍स कम होने कीवी की थोक कीमत घट जाएगी. जिस कारण रिटेल प्राइस में भी कमी आएगी. 

कीमत में ठीक भाव लगाना मुश्किल है, लेकिन कीमत में कितनी कमी आएगी यह कई चीजों पर निर्भर करेगा. इसमें पहला तो यह देखना होगा कि न्‍यूजीलैंड से कितना कीवी आता है, फिर लॉजिस्टिक कॉस्‍ट और फ्रेट कॉस्‍ट कितनी पड़ती है. इसके बाद स्‍थानीय मंडी भाव और इम्‍पोर्ट डिमांड जैसी चीजें इसके दाम को तय करेंगे. लेकिन कुछ इकोनॉमिस्‍ट के हिसाब से टैक्‍स के बराबर कटौती आ सकती है यानी न्‍यूजीलैंड वाले कीवी पर रेट 20 से 30 फीसदी तक कम हो सकती है. 

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