शहीदी सभा से पहले फतेहगढ़ साहिब छावनी में तब्दील, 3400 पुलिसकर्मी तैनात

राज्य

जालंधर/चंडीगढ़ 
शहीदी सभा के मद्देनजर पुलिस के विशेष महानिदेशक (स्पैशल डी.जी.पी.) कानून एवं व्यवस्था, अर्पित शुक्ला ने फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि जिले में आयोजन को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके। दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा 25 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक फतेहगढ़ साहिब में आयोजित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। देश-विदेश से आने वाली लाखों संगत की सुरक्षा, सुचारू आवागमन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

इस अवसर पर स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला के साथ डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल भी उपस्थित थे। स्पैशल डी.जीपी ने शहीदी सभा के पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु तैनात सभी एसपी एवं डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों और पुलिस बल को पूर्ण निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ अत्यंत विनम्रता एवं सौम्यता से पेश आने तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धा-भावना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए।

सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष शांति एवं सुव्यवस्थित ढंग से शहीदी सभा संपन्न कराने के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई नई पहलें लागू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मत्था टेकने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्पैशल डी.जी.पी. ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कुल 22 पार्किंग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं तथा पार्किंग क्षेत्रों से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। निर्बाध यातायात प्रबंधन और संगत को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा गूगल के समन्वय से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है और मार्गदर्शन हेतु साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
 
उन्होंने बताया कि संगत की सहायता के लिए छह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक पुलिस डेस्क, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि समाज-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 6 ड्रोन और 300 सी.सी.टी.वी. कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक पहल के तहत पुलिस टीमों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर भी लगाए जाएंगे।

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