जयपुर
पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करते हुए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों और लाउडस्पीकरों के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में प्रत्याशी बड़े वाहन या पशु-चालित गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के साथ-साथ तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे पशु-चालित वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरपंच के लिए खर्च सीमा 1 लाख, अन्य के लिए ये…
पंचायती राज चुनावों में सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। शहरी निकाय चुनावों में नगर निगम पार्षदों की खर्च सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षदों की 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये और नगर पालिका पार्षदों की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।
15 दिन में पेश करना होगा खर्च का रिकॉर्ड
प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है। वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। जिला परिषद और नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम तीन, पंचायत समिति और नगर परिषद प्रत्याशी दो, जबकि सरपंच और नगर पालिका प्रत्याशी केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेंगे। वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। इसके अलावा, चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही, वह भी मजिस्ट्रेट की अनुमति से किया जा सकेगा। चुनावी रैलियों के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

