भुवनेश्वर
ओडिशा के कंधमाल जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके समेत छह नक्सली मारे गए। राज्य में नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि, यह मुठभेड़ चकापाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में हुई।
नक्सली पर था 1.1 करोड़ इनाम
मारा गया गणेश उइके (69 वर्ष) सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में इस प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख था, जिस पर प्रशासन ने 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। मूल रूप से तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला उइके, पक्का हनुमंतु और राजेश तिवारी जैसे कई नामों से भी जाना जाता था।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि
पुलिस ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन में गणेश उइके के अलावा पांच अन्य नक्सली भी मारे गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल अन्य नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। सुरक्षा बलों के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि उइके लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों मे शामिल था। फिलहाल इलाके में अभी भी तलाश अभियान जारी है।
गृह मंत्री ने क्या कहा?
सुरक्षा बलों की सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया 'नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। ओडिशा के कंढमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस बड़ी सफलता के साथ, ओडिशा नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त होने के कगार पर है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।'
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