नई दिल्ली
घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या इस साल नवंबर में सालाना आधार पर 6.92 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 52 लाख 38 हजार पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब किसी एक महीने में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने हवाई यात्रा की है। इससे पहले अधिकतम आंकड़ा दिसंबर 2024 में दर्ज किया गया था जब एक करोड़ 49 लाख 28 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की थी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से नवंबर तक 11 महीने में कुल 15 करोड़ 26 लाख 35 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की है। यह पिछले साल की समान अवधि से 4.26 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि नवंबर में यह रिकॉर्ड तब बना है जब इस साल दीपावली और छठ के पर्व अक्टूबर में ही समाप्त हो चुके थे, जब अमूमन मांग काफी अधिक होती है।
आंकड़ों के अनुसार, भरी सीटों का अनुपात (पीएलएफ) के मामले अकासा एयर 93.8 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। इंडिगो 88.7 प्रतिशत के साथ दूसरे और स्पाइसजेट 87.7 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह का पीएलएफ 87.5 प्रतिशत और इंडियावन एयर का 82.7 प्रतिशत रहा।
यात्री संख्या के मामले में नवंबर में इंडिगो और अकासा की बाजार हिस्सेदारी घट गयी जबकि एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) और स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि हुई। इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी अक्टूबर के 65.6 प्रतिशत के कम होकर 63.6 प्रतिशत रह गयी। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 26.7 प्रतिशत, अकासा की 4.7 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 3.7 प्रतिशत रही।
देश के छह मेट्रो शहरों दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में समय पर उड़ान भरने के मामले में अकासा एयर 72.2 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह की 69.1 प्रतिशत उड़ानें, इंडिगो की 69 प्रतिशत, अलायंस एयर की 59 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 48.4 प्रतिशत समय पर रवाना हुईं। समय पर उड़ानों को रवाना करने के मामले में 86.4 प्रतिशत के साथ चेन्नई एयरपोर्ट पहले स्थान पर रहा। इसके बाद क्रमशः बेंगलुरु एयरपोर्ट से 78.6 प्रतिशत, हैदराबाद से 75.5 प्रतिशत, कोलकाता से 74.4 प्रतिशत, दिल्ली से 62.2 प्रतिशत और मुंबई से 50.1 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं।
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