‘हरियाणा का युवा बर्बादी की कगार पर’—70–80% नौकरियां बाहरी लोगों को देने का दावा, राव नरेंद्र सिंह का बयान

राज्य

चंडीगढ़
कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने शनिवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि 70-80 प्रतिशत सरकारी नौकरियां ‘बाहरी लोगों’ को दी जा रही हैं।

राव ने सरकारी भर्ती पर राज्य की नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हरियाणा के युवा इतने ‘अक्षम’ हो गए हैं कि उन्हें अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए नौकरियों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने ‘हरियाणा पावर यूटिलिटीज’ में सहायक अभियंता भर्ती को तत्काल रद्द करने की भी मांग की। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें क्योंकि उनकी ‘चुप्पी’ गंभीर सवाल उठाती है।

उन्होंने कहा कि नौकरी की स्थिति हरियाणा के मेहनती युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है, जो उन्हें अपने ही राज्य में दोयम दर्जे का नागरिक बना देगी। बड़ी संख्या में हरियाणा के बाहर के लोगों को नौकरी के लिए चयनित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सुनियोजित साजिश’ के तहत शिक्षक, पटवारी, क्लर्क, सहायक अभियंता, दीवानी न्यायाधीश और राज्य सिविल सेवा के पदों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा विभाग के पदों पर बड़ी संख्या में हरियाणा से बाहर के अभ्यर्थियों का चयन किया गया।

हाल की सहायक अभियंता भर्ती का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 214 चयनित अभ्यर्थियों में से 185 राज्य के बाहर से थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार को हरियाणा की पहचान या उसके युवाओं की कोई चिंता नहीं है। राव ने यह चेतावनी दी कि नीति आरक्षित श्रेणी के युवाओं को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं की कीमत पर राज्य में बाहरी लोगों को बसाने के लिए अधिवास नियमों में बदलाव का इस्तेमाल किया जा रहा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry