पन्ना
देश और दुनिया में गिद्धों की संख्या लगातार घटती जा रही है, लेकिन इसके विपरीत दक्षिण पन्ना वनमंडल अंतर्गत पवई क्षेत्र के जंगलों में गिद्धों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही पेंटेड स्टार्क और दुर्लभ ब्लैक स्टार्क जैसे पक्षियों की मौजूदगी भी बढ़ी है, जिसे पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से बेहद सुखद संकेत माना जा रहा है।
शीत ऋतु के आगमन के साथ ही दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज में प्रवासी पक्षियों की सक्रियता देखी जा रही है। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यूरेशियन ग्रिफॉन और हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध, पेंटेड स्टार्क तथा दुर्लभ ब्लैक स्टार्क यहां पहुंचे हैं। ये प्रवासी पक्षी आगामी लगभग तीन माह तक पवई के घने जंगलों में प्रवास करेंगे।
यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई
वन विभाग के अनुसार, यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया से, जबकि हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध हिमालय, तिब्बत और मध्य चीन क्षेत्र से लंबी यात्रा कर पवई पहुंचे हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि पवई के जंगलों में यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है, जो हजारों किलोमीटर की यात्रा कर यहां तक पहुंचे हैं।
सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है
वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों और सतत वन प्रबंधन के चलते दक्षिण पन्ना वनमंडल प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है। यह क्षेत्र की जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाने के साथ-साथ गिद्ध संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

