पटियाला
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला स्थित मेडिकल कॉलेज का दौरा कर मेडिकल एवं प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए घर-आधारित पेलिएटिव केयर सेवाओं को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से गंभीर एवं लंबे समय से पीड़ित मरीजों के लिए पेलिएटिव केयर अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पेलिएटिव केयर सेवाएं वे स्वास्थ्य सेवाएं हैं, जो गंभीर, दीर्घकालिक या असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को दर्द, कष्ट एवं मानसिक पीड़ा से राहत देने के लिए प्रदान की जाती हैं। इन सेवाओं का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज ही नहीं, बल्कि मरीज एवं उसके परिवार की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है।
पेलिएटिव केयर में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता शामिल होती है तथा ये सेवाएं अस्पताल, ओ.पी.डी. या मरीज के घर तक भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजाब सरकार एवं कैंसपोर्ट एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पेलिएटिव केयर सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजिंद्रा अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए, जो कैंसपोर्ट टीम के साथ निरंतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पेलिएटिव केयर ओ.पी..डी. तथा घर-आधारित पेलिएटिव केयर सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑप्रेटिंग प्रोसीजर (एस.ओ.पी.) तैयार किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर एवं बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने राजिंद्रा अस्पताल में कैंसपोर्ट टीम के लिए एक अलग कक्ष उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि पेलिएटिव केयर ओ.पी.डी. की स्थापना बिना किसी बाधा के की जा सके। इस अवसर पर पेलिएटिव केयर सर्विसेज के अधिकारी, राजिंद्रा अस्पताल एवं माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टर उपस्थित थे।
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