दिल्ली में प्रदूषण का रेड अलर्ट: AQI 400 पार, 48 घंटे चुनौतीपूर्ण—क्या बरसात सुधारेगी हालात?

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 नई दिल्ली

ठंड और कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषण और घातक हो गया है। सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर है और दिल्ली की हवा में सवा तीन गुने से ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच भी वायु गुणवत्ता का स्तर बहुत खराब स्तर पर ही रहेगा। इसके बाद बारिश के आसार बन रहे हैं। सवाल यह कि क्या बारिश देगी राहत?

हवा धीमी, पलूशन को मिला कोहरे के साथ
विशेषज्ञों की मानें तो हवा की गति इतनी धीमी है कि प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो रहा है। पलूशन कोहरे के साथ मिलकर हवा को ज्यादा प्रदूषित कर रहा है। इससे दिल्ली की हवा में स्मॉग देखा जा रहा है। खासतौर पर सुबह और शाम के वक्त इसे साफ देखा जा सकता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले और नाक में खराश, आंख से पानी आना जैसी तमाम किस्म की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

401 पर एक्यूआई
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सोमवार शाम को चार बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 अंक रिकॉर्ड किया गया। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले रविवार को दिल्ली में एक्यूआई 390 अंक पर था। यानी बीते 24 घंटे में दिल्ली के एक्यूआई में 10 अंकों की बढ़ोतरी हुई है।

इन इलाकों में अति गंभीर श्रेणी में पलूशन
दिल्ली के चार इलाकों का सूचकांक सोमवार को अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। इनमें वजीरपुर, रोहिणी, आनंद विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। वजीरपुर में एक्यूआई 462, रोहिणी में 455, जहांगीरपुरी में 459, आनंद विहार में 455 अंक रिकॉर्ड किया गया। वायु गुणवत्ता के मानकों के मुताबिक, एक्यूआई के 450 से ऊपर होने पर हवा को अति गंभीर श्रेणी माना जाता है। यानी इन इलाकों में हालत ज्यादा खराब हैं।

सवा तीन गुना ज्यादा पलूशन
सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में सोमवार की शाम चार बजे पीएम 10 कणों का स्तर 330.5 और पीएम 2.5 कणों का स्तर 220.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। बता दें कि हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 कणों का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इसके अनुसार, दिल्ली-एनसीआर की हवा में अभी मानकों से सवा तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।

दो दिन नहीं मिलेगी राहत
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि मंगलवार और बुधवार को हवा की रफ्तार ज्यादातर समय में दस किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। इतना ही नहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान की स्थिति कमोबेश ऐसी ही रहेगी। मौसम विभाग ने भी मंगलवार और बुधवार को दिल्ली में मध्यम से घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कणों का विसर्जन बेहद धीमा रहेगा। इससे पलूशन से राहत नहीं मिलेगी।

बारिश और हवा में तेजी देगी राहत
मौसम विभाग की मानें तो पहली जनवरी को दिल्ली के साथ ही एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखी जा सकती है। लेकिन यह काफी नहीं होगी। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यदि दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद हवा तेज होती है तो इससे पलूशन से काफी राहत मिलेगी। 2, 3 और 4 जनवरी को दिल्ली में हवा की स्पीड 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। ये संकेत अच्छे हैं। इससे पलूशन से राहत मिलने की संभावना है।

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