राजधानी में चुनाव तैयारी: 92,016 नो मैपिंग मतदाताओं को नोटिस, बूथ लेवल ऑफिसर पहुंचे घरों पर

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

 मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन लोगों के परिजन या खुद का रिकॉर्ड 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिला है। अब उन लोगों को अपनी नागरिकता के प्रमाण पेश करने का समय आ गया है। इसके लिए निर्वाचन शाखा द्वारा जिलेभर में घर-घर नोटिस जारी कर संबंधित दस्तावेज पेश करने की बात कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये जानकारी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र क्रमांक-16 की बीएलओ उजमा इकबाल ने मंगलवार को नोटिस देते हुए मतदाताओं से कही। इसी तरह विभिन्न मतदान केंद्र के बीएलओ ने नो मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस देते हुए सुनवाई की तारीख देते हुए दस्तावेज समेत पेश होने को कहा जा रहा है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता का कहना है कि, जिले की 7 विधानसभा क्षेत्रो में कुल 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नो मैपिंग श्रेणी में रखा गया है। इनमें से अबतक 92 हजार 16 मतदाताओं के नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिन्हें बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर वितरित किया जा रहा है। संबंधित नोटिस के साथ एक तारीख भी दी जा रही है। इनकी सुनवाई विधानसभा क्षेत्र के एसडीएम, तहसील न्यायालय, नगर निगम के वार्ड कार्यालयों में करीब 90 अधिकारी की मौजूदगी में होगी। सातों विधानसभा क्षेत्रों के लिए एसडीएम को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) नियुक्त किया गया है।

सातों विधानसभाओं में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में संशोधन करवाने के लिए भी करीब 15 हजार 371 फार्म-8 जमा किए गए हैं। इस फार्म के तहत शिफ्टेड, संशोधन आदि का कार्य किया जा सकेगा। इनमें सबसे अधिक फार्म-8 गोविंदपुरा में 3923, नरेला में 2915, हुजूर में 2588 जमा किए गए हैं।

विधानसभा क्षेत्र—–नो मैपिंग मतदाता——कुल नोटिस वितरण
-बैरसिया————–2,134———————2,134
-उत्तर—————-10,080——————–4,901
-नरेला—————-23,790——————–16,767
-दक्षिण-पश्चिम—–16,596———————15,045
-मध्य—————-10,088———————9,332
-गोविंदपुरा———–30,188——————–19,788
-हुजूर—————–23,049——————–24,049
-कुल——————1,16,925—————–92,016

इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि, सभी विधानसभा क्षेत्रों में 70 फीसदी से अधिक नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं। नए साल के पहले हफ्ते में इनकी सुनवाई की जाएगी। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर ही सूची में नाम जोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा फार्म-8 और 5 पर भी सुनवाई होगी।

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