दंतेवाड़ा: पुनर्वासितों के पुनर्वास के लिए कौशल प्रशिक्षण और टूल किट वितरण की अहम शुरुआत

छत्तीसगढ़ रायपुर

दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा में पुनर्वासितों के पुनर्वास की दिशा में बड़ी पहल

लाइवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण के बाद वेलकम किट एवं टूल किट का वितरण

दंतेवाड़ा

राज्य शासन एवं जिला प्रशासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, दंतेवाड़ा में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले पुनर्वासितों के लिए रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।  इस क्रम में आज लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में वेलकम किट एवं टूल किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 147 पुनर्वासितों को आवश्यक टूल किट प्रदान की गई, जिससे वे स्वरोजगार अपनाकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
 
रोजगारोन्मुखी ट्रेड्स में प्रशिक्षण

 
प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिशियन, सिलाई, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सोलर पैनल ऑपरेटर सहित अन्य तकनीकी एवं आजीविका आधारित ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत संबंधित ट्रेड्स की टूल किट प्रदान की गई, ताकि वे अपने कौशल का व्यावहारिक उपयोग कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी रहे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता प्रभारी अधिकारी लाइवलीहुड राजीव कुजूर, सहायक संचालक कौशल विकास, अमित वर्मा, प्राचार्य लाइवलीहुड हरीश सिन्हा, डीएसपी नसर उल्ला सिद्दीकी, डीएसपी विशाल कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट एवं टूल किट का वितरण किया गया।
 
स्थानीय भाषा में संवाद, विश्वास बहाली पर जोर

 विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुनर्वासितों को बधाई दी और उनके सामान्य जीवन में लौटने को सराहनीय कदम बताया। विधायक ने स्थानीय गोंडी भाषा में संवाद कर प्रशिक्षणार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया, जिससे विश्वास और सहभागिता को मजबूती मिली।
 
प्रशासन की सतत सहायता का आश्वासन

पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय ने प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि की जानकारी देते हुए कहा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन पुनर्वासितों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से इस राशि का सदुपयोग कर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा ने प्रशिक्षणार्थियों को पर्यटन क्षेत्र एवं स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दंतेवाड़ा एवं रायपुर भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी दी तथा आगामी वर्ष आयोजित होने वाले दंतेवाड़ा स्टार्टअप हंट में भाग लेकर व्यवसाय प्रारंभ करने की सलाह दी। जिला प्रशासन द्वारा दुकान संचालन हेतु सहयोग प्रदान किए जाने की भी जानकारी दी गई।

 शांति और विकास की दिशा में सशक्त कदम

प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास बहाली सुनिश्चित करना है। यह पहल बस्तर अंचल में सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

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