इंदौर जल संकट: जहरीले पानी से कई जानें गईं, 500+ बीमार, ICU में जिंदगी की जंग

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर
लगातार 8 साल से देश के सबसे साफ शहर का तमगा लेकर इतराने वाला इंदौर इन 'जहरीले जल प्रलय' से जूझ रहा है। जिन भागीरथ को गंगा को पृथ्वी पर लाने का श्रेय दिया जाता है उनके नाम पर बसे इंदौर के एक इलाके में दूषित पानी की वजह से कई लोग दम तोड़ चुके हैं तो अब भी दर्जनों लोगों की जान खतरे में है। भारीरथपुरा के 500 से अधिक लोगों को अब भी उल्टी और दस्त की शिकायते हैं जिनमें से 200 अस्पताल में भर्ती हैं और 32 तो आईसीयू में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहे हैं।
 
न्यूज एंजेंसी पीटीआई ने इंदौर के एक स्वास्थ्य अधिकारी के हवाले से बताया कि गुरुवार को भागीरथपुर के 1714 घरों में जाकर यहां रह रहे लोगों की जांच पड़ताल की गई। जिन 8571 लोगों की जांच की गई उनमें से 338 में उल्टी-दस्त की हल्के लक्षण मिले। इन लोगों को फिलहाल घर पर ही उपचार दिया जा रहा है और सभी पर नजर रखी जा रही है।

अस्पतालों में 200 मरीज, 32 आईसीयू में हैं
अधिकारी ने बताया कि पिछले 8 दिनों में जब से यहां डायरिया फैला है, 272 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 71 स्वस्थ होकर बाहर आ चुके हैं। 200 मरीजों का अब भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चिंताजनक बात यह है कि 32 मरीजों को अब भी इंटेंसिव केयर यूनिट्स (ICUs) में रखा गया है। इन मरीजों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

दूषित पानी से कितने मरे, इस पर मंत्री को भी कंफ्यूजन!
भागीरथपुर में दूषित पानी की वजह से कितने लोगों की मौत हुई है, इसको लेकर अभी अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि 13 लोगों की मौत जहरीले पानी की वजह से हो चुकी है, वहीं प्रशासन चार मौतें की ही बात स्वीकार कर रहा है। इस बीच गुरुवार को जब मध्य प्रदेश के मंत्री और इंदौर से ही आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय से इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसको लेकर अभी कंफ्यूजन है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन के आंकड़ों को अंतिम ना मानते हुए कहा कि और जिन लोगों की मौत पानी की वजह से बताई जा रही है उनकी भी जांच कराई जाएगी।

 

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