इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर NHRC का संज्ञान, मुख्य सचिव को नोटिस जारी

मध्य प्रदेश राज्य

 इंदौर
 इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से कई लोगों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस गंभीर मामले को मानवाधिकार उल्लंघन से जोड़ते हुए मध्यप्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

NHRC ने अपने बयान में कहा है कि रिपोर्ट के अनुसार भगीरथपुरा इलाके के निवासी कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से उत्पन्न स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में हालात की समीक्षा के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों के समन्वय पर चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागीय आयुक्त सुदाम खड़े, जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही दूषित पानी से प्रभावित सभी लोगों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उपचाराधीन लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

 

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