व्हाइट टाइगर सफारी में जश्न, जू सेंटर में सवाल: दो दिन बाद सामने आई तेंदुआ की मौत
मुकुंदपुर टाइगर सफारी प्रबंधन पर उठे सवाल, मादा तेंदुआ की मौत से मचा हड़कंप
उम्र पूरी होने का दावा, लेकिन निगरानी पर सवाल: मुकुंदपुर जू सेंटर में तेंदुआ की मौत
सतना
नए साल के आगमन पर जहां मार्तंड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू सेंटर में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली और करीब 18 हजार सैलानी विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों का दीदार करने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर जू सेंटर से जुड़ी एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जू सेंटर में एक मादा तेंदुआ की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई, जिसकी जानकारी प्रबंधन को दो दिन बाद लग पाई। इस घटना के सामने आने के बाद जू प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जू प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार मादा तेंदुआ की मौत करीब दो दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी भनक प्रबंधन को सोमवार को लगी। हैरानी की बात यह है कि जू सेंटर में प्रत्येक जीव और प्राणी की नियमित निगरानी का दावा करने वाला प्रबंधन दो दिनों तक इस घटना से अनजान रहा। यह लापरवाही अपने आप में कई सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब जू सेंटर में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे और सुरक्षा एवं देखरेख के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता रहा है।
पहले इंकार अब कर रहे स्वीकार एसडीओ
इस पूरे मामले में उप वन मंडल अधिकारी रामेश्वर टेकाम को भी घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जो व्यवस्थागत चूक की ओर इशारा करती है। जू सेंटर के अधिकारियों का कहना है कि मृत मादा तेंदुआ की उम्र करीब 20 वर्ष थी, जो तेंदुए की औसत आयु के आसपास मानी जाती है। जानकारी के अनुसार तेंदुआ ने 2 जनवरी की तड़के करीब 3 बजकर 48 मिनट में अंतिम सांस ली। मुकुंदपुर में तैनात पशु चिकित्सक डॉ नितिन गुप्ता का कहना है कि मादा तेंदुआ ने अपनी प्राकृतिक आयु लगभग पूरी कर ली थी और मौत सामान्य प्रतीत होती है।
पन्ना से आई थी मादा पन्ना नाम से ही जानते थे सब
बताया गया कि मादा तेंदुआ को वर्ष 2020 में पन्ना से मुकुंदपुर लाया गया था और तब से वह जू सेंटर का हिस्सा थी। हालांकि मौत को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से प्रबंधन को दो दिन तक इसकी जानकारी नहीं लग सकी और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसने जू सेंटर की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि मामला आने के बाद प्रबंधन ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर दिया गया।
दबाएं रहा मामला
बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठित मुकुंदपुर टाइगर सफारी, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान बना चुका है, वहां इस तरह की लापरवाही सामने आना चिंताजनक है। वन्य जीव संरक्षण और उनकी देखरेख के दावों के बीच यह घटना व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी मामले जू प्रबंधन को मामला दबाकर रखना।
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