बस्तर में माओवादी हिंसा पर कड़ा प्रहार, 60 लाख के इनामी माओवादियों की शिनाख्त, रिवर्स काउंटडाउन जारी

छत्तीसगढ़ रायपुर

 जगदलपुर
 बस्तर से लेकर तेलंगाना तक फैला माओवादी नेटवर्क अब निर्णायक रूप से टूट चुका है। दशकों से जारी लाल आतंक का ‘रिवर्स काउंटडाउन’ (उल्टी गिनती) शुरू हो गया है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, निरंतर दबाव और नेतृत्व के विघटन ने माओवादी संगठन की कमर तोड़ दी है।

सुरक्षा एजेंसियों का विश्वास है कि 26 जनवरी को इसकी घोषणा कर दी जाए।  तेलंगाना में पीएलजीए (पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर–एक के प्रमुख बारसे देवा उर्फ सुक्का के आत्मसमर्पण और सुकमा में कोंटा एरिया कमेटी प्रमुख के मारे जाने के बाद बस्तर में संगठन लगभग नेतृत्वविहीन हो गया है।

पापा राव ही एकमात्र बड़ा नाम शेष

अब शीर्ष स्तर पर पापा राव ही एकमात्र बड़ा नाम शेष है। 14 माओवादी शनिवार को सुकमा, बीजापुर में मारे गए थे। उधर, तेलंगाना में बारसे देवा ने अपने 20 साथियों के साथ समर्पण किया था। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी का कहना है कि माओवादी संगठन का संख्या बल लगातार घट रहा है और नेतृत्व पूरी तरह बिखर चुका है।

बस्तर में अब केवल पापा राव शीर्ष स्तर पर बचा है, जबकि जमीनी स्तर पर गिनती के ही माओवादी सक्रिय हैं। यदि बचे हुए माओवादी समय रहते आत्मसमर्पण नहीं करते, तो भविष्य में उनके लिए यह विकल्प भी नहीं बचेगा।

पांच महिला सहित 12 माओवादियों की शिनाख्त

वहीं सुकमा में बुर्कलंका और पामलूर इलाके में शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए पांच महिला सहित 12 माओवादियों की शिनाख्त हो गई है। सभी शवों को जिला मुख्यालय लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंपा जाएगा।

माओवादियों में डीवीसीएम वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का आठ लाख का इनामी, एसीएम माड़वी हितेश आठ लाख, सीवाईपीसी पोड़ियम जोगा 10 लाख, कोमरम बदरी, झितरू माड़वी, माड़वी मुक्का, मुचाकि मुन्नी, माड़वी जमली, पोड़ियम रोशनी ये सभी एसीएम जिन पर पांच लाख का इनाम घोषित था।

इनके अलावा तामो नंदा, मड़कम रामा, मासे ये तीनों पार्टी के सदस्य थे और इन पर दो लाख का इनाम राशि घोषित था। मुठभेड़ स्थल से एके-47, इंसास, एसएलआर राइफल, बीजीएल लांचर, 12 बोर हथियार, वायरलेस सेट, स्कैनर तथा बड़ी मात्रा में जिंदा राउंड बरामद किए गए हैं।

हिंसा का भविष्य नहीं

सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने पत्रवार्ता में कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में निरंतर व निर्णायक प्रगति हो रही है। हिंसा का कोई भविष्य नहीं है और संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों के माध्यम से ही बस्तर आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने हिंसा के रास्ते पर चल रहे माओवादी कैडरों से समय रहते मुख्यधारा में लौटने और विकास के भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतत रणनीति और मजबूत खुफिया तंत्र का परिणाम है।

पत्र में ग्रामीण को दी थी धमकी

पत्रवार्ता में यह भी खुलासा हुआ कि घटनास्थल से एक धमकी भरा पत्र बरामद किया गया है, जिसमें माओवादियों ने मेहता ग्राम पंचायत के बालंगतोग गांव के एक ग्रामीण को पुलिस मुखबिर बताते हुए चेतावनी दी है। पत्र में जन अदालत में सजा देने और सुधार न होने पर कार्रवाई की धमकी का उल्लेख है।

मोबाइल टावर

एसपी ने कहा कि यह माओवादियों की जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। 41 बड़ी घटनाओं में शामिल था मंगड़ू पुलिस के अनुसार कोंटा एरिया कमेटी का सचिव मंगडू 41 बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है, जिनमें ताड़मेटला, बुर्कापाल, एर्राबोर राहत शिविर, दरभागुड़ा, कोताचेरू और मिनपा जैसी भीषण घटनाएं शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में जवान और नागरिक बलिदान हुए थे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry