गांधीनगर
गुजरात के प्रभास पाटन में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' आयोजित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। इस पर्व का मकसद है सोमनाथ मंदिर की हजारों साल पुरानी विरासत को याद करना और उसकी महत्ता को सलाम करना। सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की अडिग भावना और संस्कृति का प्रतीक है। यह भारत की उस सभ्यता की आत्मा का प्रतीक है, जो हजारों साल पुरानी है, जिस पर बार-बार हमले हुए, लेकिन जिसे कभी पूरी तरह तोड़ा नहीं जा सका। यही वजह है कि यह मंदिर हमेशा से देशवासियों की श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है।
साल 1026 से लेकर अब तक सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, लेकिन आज भी यह पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। इस साल सोमनाथ मंदिर के प्रति अटूट आस्था के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है। इसके तहत मंदिर परिसर में 8 से 11 जनवरी तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि इस आयोजन के तहत 8 से 11 जनवरी तक प्रभास पाटन में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद होगा। इसका मतलब है कि लगातार तीन दिनों तक सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ॐ’ की आवाज निरंतर गूंजती रहेगी। हर्ष संघवी ने लोगों को इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का हिस्सा बनने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस खास आयोजन में जुड़ें और सोमनाथ मंदिर की महिमा को महसूस करें।
सबसे खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी खुद भी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार से 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के मंदिर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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