बिलासपुर में 83 करोड़ से सजेगा कोनी-मोपका बाइपास, मोपका-सेंदरी की जर्जर सड़क को मिलेगा नया रूप

बिलासपुर

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 मोपका-सेंदरी बाइपास की जर्जर सड़क की किस्मत बदलने वाली है। शासन से पहले ही 58 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को भविष्य की जरूरतों और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने 83 करोड़ रुपये का नया संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है, जो शहर की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

सड़क मरम्मत और चौड़ीकरण का प्रस्ताव

मोपका-सेंदरी बाइपास को लेकर पूर्व में केवल सड़क मरम्मत और चौड़ीकरण का प्रस्ताव था। लेकिन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इसमें बड़े बदलाव का सुझाव दिया। विधायक की पहल पर अब इसे कंक्रीट फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग मोपका से चिल्हाटी होते हुए सीधे एनएच-49 से जुड़ जाएगा, जिससे बिलासपुर एक बड़े रिंग रोड नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।

प्रोजेक्ट को फोरलेन बनाने के पीछे सबसे बड़ा तर्क बिलासपुर-सीपत फोरलेन का निर्माण है। राज्य शासन ने बिलासपुर-सीपत फोरलेन को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है और इसका काम जल्द शुरू होने वाला है। चूंकि सीपत रोड से भारी ट्रैफिक का दबाव रहेगा, ऐसे में सेंदरी-मोपका बाइपास का भी फोरलेन होना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से अनिवार्य हो गया है। इन दोनों सड़कों के आपस में जुड़ने से पूरे क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।

फोरलेन बनने से बढ़ेगी सुविधा, हजारों राहगीरों को होगा सीधा लाभ

बाइपास के फोरलेन होने और एनएच-49 से सीधे जुड़ाव के कारण रायगढ़, जांजगीर, अकलतरा और पड़ोसी राज्य ओडिशा जाने वाले वाहनों को बिलासपुर शहर के भीतर घुसने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा बैमा नगोई, खमतराई, बिरकोना, सेलर व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भारी वाहन सीधे चिल्हाटी मार्ग से निकल सकेंगे, जिससे नेहरू चौक से गोल बाजार होते हुए गांधी चौक तक लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा के समय में कम से कम 30 से 40 मिनट की बचत होगी।

कनेक्टिविटी का नया हब बनेगा चिल्हाटी

नए प्रस्ताव के तहत सड़क को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एनएच-130 को मोपका के जरिए एनएच-49 से जोड़ देगा। इससे बिलासपुर के चारों ओर एक मजबूत ट्रांसपोर्ट कारिडोर तैयार होगा। कांक्रीट रोड होने के कारण भारी वाहनों के दबाव से सड़क जल्दी खराब नहीं होगी और धूल व प्रदूषण से स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।

बिलासपुर-सीपत मार्ग भी होगा फोरलेन

राज्य शासन ने बिलासपुर से सीपत तक के लगभग 19 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए मंजूरी दे दी है। सीपत में एनटीपीसी का बड़ा संयंत्र होने और आगे कोरबा जिले की सीमा को जोड़ने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बना रहता है। वर्तमान में यह सड़क टू लेन होने के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र बनी रहती है। मार्ग के फोरलेन बनने से न केवल औद्योगिक यातायात को सुगमता मिलेगी, बल्कि सेंदरी-मोपका बाइपास के साथ मिलकर यह पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बदल देगा।

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