भोपाल
मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक के अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है। एक जनवरी को कई अधिकारी पदोन्नत किए गए लेकिन इनकी पदस्थापना यथावत रखी गई है। 15 जनवरी को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर, कमिश्नर, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत और स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की कांफ्रेंस बुलाई है।
इसमें मैदानी अधिकारियों के कामकाज का आकलन होगा। इसके बाद तबादलों का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। हालांकि, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी 21 फरवरी तक नहीं बदले जाएंगे, क्योंकि प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है।
कई अधिकारियों को दो साल से ज्यादा हो गए
मध्य प्रदेश में कलेक्टर से लेकर सचिव स्तर के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। सभी को पदोन्नति अभी वर्तमान पदों को उच्च पद के समकक्ष घोषित कर दे दी गई है। कई अधिकारियों को एक स्थान पर पदस्थ रहते दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं। इनके स्थान पर नए अधिकारी पदस्थ किए जाएंगे। वहीं, मंत्रालय में कुछ अपर सचिव को सचिव बनाया गया है। इनकी पदस्थापना भी होनी है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि 15 जनवरी को कलेक्टर कांफ्रेंस होगी।
कुछ अधिकारियों की पदस्थापना में परिवर्तन होगा
इसके लिए 85 बिंदुओं पर जिलेवार रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इससे कलेक्टरों के कामकाज का आकलन होगा। यही आगामी पदस्थापना का आधार भी बनेगा। चूंकि, 21 फरवरी तक मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चलेगा। इस अवधि में कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को हटाने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लगेगी और तीन नामों का पैनल भेजना होगा, इसलिए जल्दबाजी नहीं की जाएगी। मंत्रालय स्तर पर कुछ अधिकारियों की पदस्थापना में परिवर्तन अवश्य किया जाएगा। इसमें अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
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