अब रांची-हजारीबाग से जारी होगा प्रमाण पत्र, झारखंड में पुराने वाहनों के फिटनेस नियम हुए सख्त

राज्य

रांची/रामगढ़.

जिले व इसके आसपास यानी पड़ोसी बोकारो जिले के पुराने वाहन मालिकों के लिए थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। पहले जिन पुराने वाहनों के फिटनेस के लिए आसानी से जिला परिवहन कार्यालय जाकर वाहनों की जांच करा फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करते थे। अब यह व्यवस्था पूरे राज्य में जनवरी महीने से बंद हो गई है।

सड़क परिवहन राज मार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार अब ऐसे वाहनों को फिटनेस के लिए निजी स्तर पर एटीएस यानी आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में जाकर कराना होगा। जानकारों की मानें तो यह वर्तमान में दो रांची, एक जमशेदपुर व एक हजारीबाग में यानी पूरे प्रदेश के केवल चार स्थानों पर ही है।

यहां के सभी प्रकार के निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस कराने के लिए या तो हजारीबाग का चक्कर लगाना होगा या फिर रांची का। दोनों ही स्थिति में वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को 120 से 130 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी।

इसके अलावा राजधानी रांची जाने के दौरान नो इंट्री आदि के चक्कर में पड़ेंगे सो अलग से व प्रमंडलीय मुख्यालय हजारीबाग बड़कागांव रोड में यह एटीएस बना है। चूंकि रामगढ़, बोकारो व धनबाद जिला अधिकतर हिस्से में कोल इंडिया की कोलियरियां व अन्य औद्योगिक ईकाइयों में चलने वाले भारी मालवाहक वाहन हैं।

ऐसे में इतनी दूरी तय करना यहां के ट्रांसपोर्टरों व वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेंगी। इससे अतिरिक्त खर्च भी इनके जेब पर भारी पड़ेगी। ट्रांसपोर्टरों की मानें तो क्षेत्र की कोलियरियों में छुट्टी अगर रविवार को होगी तो गाड़ी का फिटनेस रविवार को नहीं हो पाएगा क्योंकि एटीएस रविवार को को बंद रहेंगी।

अब तक एमवीआई करते आ रहे थे फिटनेस का कार्य

सड़क पर चल रही पुरानी हो चुकी छोटी बड़ी निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत एमवीआई करते आ रहे थे। संबंधित व्यवसायिक वाहनों मसलन बस आदि को फिटनेस कराने जाने के लिए रूट परमिट आदि की समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। नहीं तो इस स्थिति में कभी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में भी इनके वाहन आएंगे जो वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा।

रामगढ़ में फिटनेस का कार्य बंद होने से उनके समक्ष परेशानी बढ़ी है। अब तक रामगढ़ में पूर्व की व्यवस्था होने से उन्हें परेशानी नहीं थी, अब रांची व हजारीबाग का चक्कर लगाना उनके लिए परेशानियों से भरा होगा।

– राजू प्रसाद, ट्रांसपोर्टर

अगर एटीएस रामगढ़ जिले में स्थापित होता तो इससे पास के बोकारो, धनबाद जिले के वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को सुविधा होती लेकिन वर्तमान आदेश के बाद हम सभी के लिए परेशानी बढ़ेगी।

– दिनेश साहू, वाहन मालिक सह ट्रांसपोर्टर

रांची हजारीबाग गाड़ी ले जाना संभव नहीं है। कोलियरियों व रेलवे साइडिंग में एक दिन भी छुट्टी नहीं होती। छुट्टी अगर रविवार को होगी तो उनका रविवार को काम नहीं हो पाएगा, क्योंकि रविवार को एटीएस बंद रहेंगी। यह हमलोगों के लिए व्यर्थ की पेरशानी व जेब पर भारी पड़ने वाला निर्णय है।

– संतोष कुमार, ट्रांसपोर्टर

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