नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को द्विपक्षीय साझेदारी के समग्र विस्तार के लिए व्यापक बातचीत की और इसी के साथ दोनों देशों ने शिक्षा क्षेत्र में रिश्तों का विस्तार करने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष, गाजा के हालात और अन्य ज्वलंत वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। जर्मनी के चांसलर मर्ज भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आज सुबह अहमदाबाद पहुंचे। यह जर्मन चांसलर के रूप में मर्ज की पहली एशिया यात्रा है। मोदी ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘आज उच्च शिक्षा पर बना समग्र रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा।'' प्रधानमंत्री ने जर्मनी के विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर खोलने के लिए भी आमंत्रित किया।
मोदी ने कहा कि वह और मर्ज इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा,‘‘भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज हमने यूक्रेन और गाजा सहित कई वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है।''
मोदी ने कहा, ‘‘भारत और जर्मनी की जनता के बीच ऐतिहासिक और गहन संबंध हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई दृष्टि दी। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया। और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत की आजादी का ध्वज फहराकर हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षा को वैश्विक पहचान दी।''
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