दिल्ली
भारत में बिटकॉइन और क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वालों के लिए सरकार ने 5 सख्त नियम लागू कर दिए हैं. FIU-IND के निर्देशों के तहत अब लोकेशन ट्रैकिंग, लाइव सेल्फी KYC, VPN पर रोक, फंड्स के स्रोत की जानकारी और बेनेफिशियरी डिटेल अनिवार्य होगी. नियमों के उल्लंघन पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है.
भारत में बिटक्वाइन या क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वालों की अब खैर नहीं है. भारत में बिटकॉइन (Bitcoin), एथेरियम (ETH) या अन्य किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए सरकार और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ने 5 सख्त नियमों को लागू कर दिया है. ये नियम इसलिए लागू किए गए हैं, ताकि देश में मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए क्रिप्टो एक्सचेंजों (Crypto Exchanges) पर नकेल कसी जा सके. अब किसी भी भारतीय एक्सचेंज (जैसे WazirX, CoinDCX, CoinSwitch) या भारत में रजिस्टर्ड विदेशी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग करना पहले जैसा आसान नहीं रहा.
लोकेशन ट्रैकिंग
सबसे बड़ा बदलाव ‘लोकेशन’ को लेकर है. अब जब भी आप किसी क्रिप्टो ऐप में लॉगिन करेंगे, तो ऐप आपसे आपकी Live Location का एक्सेस मांगेगा. यदि आप लोकेशन एक्सेस नहीं देते हैं या आप भारत की सीमा से बाहर (IP Address) पाए जाते हैं, तो आपका अकाउंट फ्रीज हो सकता है. सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना कि यूजर भारत के नियमों के दायरे में है.
लाइव सेल्फी
अब सिर्फ आधार कार्ड या पैन कार्ड अपलोड करना अब काफी नहीं है. केवाईसी (KYC) को और सख्त बनाते हुए अब ‘Liveness Check’ अनिवार्य कर दिया गया है. अब आपको ऐप पर अपनी लाइव सेल्फी खींचनी होगी और कई बार वीडियो वेरिफिकेशन भी देना पड़ सकता है. यह कदम फर्जी अकाउंट्स को बंद करने के लिए उठाया गया है.
VPN का इस्तेमाल प्रतिबंधित
अक्सर ट्रेडर अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल करते है. नए नियमों के मुताबिक, अगर सिस्टम ने डिटेक्ट किया कि आप VPN का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक्सचेंज को आपका ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लॉक करने का आदेश है.
फंड्स का स्रोत
अगर आप एक निश्चित सीमा (जैसे 50,000 रुपये या उससे अधिक) से ज्यादा का निवेश करते हैं, तो आपको यह बताना होगा कि यह पैसा कहां से आया है. एक्सचेंज आपसे बैंक स्टेटमेंट या सैलरी स्लिप मांग सकता है.
बेनेफिशियरी की जानकारी
क्रिप्टो ट्रांसफर के नियमों (Travel Rule) को कड़ाई से लागू किया जा रहा है. अगर आप अपने वॉलेट से किसी और के वॉलेट में क्रिप्टो भेज रहे हैं, तो आपको सामने वाले (रिसीवर) का नाम, पता और वॉलेट डीटेल्स एक्सचेंज को देनी होंगी. बिना पूरी जानकारी के ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा.
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