मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से युवाओं को मिलेगा अनुभव और स्टाइपेंड, सरकारी दफ्तरों में करें इंटर्नशिप

राज्य

पटना.

बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें व्यावहारिक कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार कौशल विकास मिशन (बीएसडीएम) के माध्यम से लागू यह योजना युवाओं के लिए सरकारी संस्थानों में काम सीखने का एक सशक्त मंच बनकर उभरी है।

इस योजना की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी विभाग ही नहीं, बल्कि देश की कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियां और औद्योगिक घराने भी भागीदार के रूप में जुड़े हैं। कुछ निजी संस्थानों द्वारा इंटर्न्स को स्टाइपेंड के अलावा भोजन, आवासन और आवागमन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इससे बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, जो उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों, राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं में इंटर्नशिप का अवसर दिया जा रहा है। इन संस्थानों में युवाओं को प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोशल मीडिया प्रबंधन, वित्त, मानव संसाधन, हिंदी टाइपिंग सहित अन्य प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ काम कर युवाओं को वास्तविक कार्य वातावरण को समझने का मौका मिलता है।

इंटर्नशिप के साथ स्टाइपेंड की सुविधा
इस योजना के अंतर्गत 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को तीन माह से लेकर एक वर्ष तक की अवधि के लिए इंटर्नशिप का अवसर दिया जाता है। 12वीं से स्नातकोत्तर स्तर तक के अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार 4,000 से 6,000 रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, जो युवा अपने गृह जिले के अलावा किसी अन्य जिले में इंटर्नशिप करते हैं, उन्हें प्रारंभिक तीन माह तक 2,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त सहायता और 5,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है। यदि कोई अभ्यर्थी बिहार के बाहर अन्य राज्यों में इंटर्नशिप करता है, तो उसे पूरी इंटर्नशिप अवधि के दौरान यह सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उसके बैंक खाते में प्रदान की जाती है।

इंटर्नशिप की अवधि पूरी होने पर बिहार कौशल विकास मिशन और संबंधित विभाग द्वारा संयुक्त प्रमाण-पत्र भी दिया जाता है। राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में इस योजना के अंतर्गत कुल 1,05,000 युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप योजना बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

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