चंडीगढ़.
सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को 112 प्रणाली से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में पार्क हास्पिटल ग्रुप की पांच एंबुलेंस इस पायलट माडल में शामिल होकर सफलतापूर्वक सेवाएं दे रही हैं।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि प्रदेश में डायल 112 के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं तक पहुंच और आसान होगी। पंचकूला जिले में शुरू किया गया आटो डिस्पैच पायलट सफल रहा है, जिसके बाद इसे अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। कोई भी काल प्राप्त होते ही मानवीय हस्तक्षेप के बिना स्वत: ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) भेज दिया जाएगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित ईआरवी परफारमेंस आडिट माडयूल को भी लागू किया गया है, जो प्रत्येक घटना के बाद वाहन की गति, प्रतिक्रिया और घटना स्थल से दूरी जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों का स्वत: विश्लेषण करता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुधारों का यही क्रम जारी रहा, तो हरियाणा 112 देश के सबसे श्रेष्ठ आपातकालीन सेवा माडल के रूप में स्थापित होगा। एडीजीपी हरदीप दून ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक काल दर्ज हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को ही सहायता के लिए याद करते हैं। औसत रिस्पांस टाइम अब 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक आ गया है। 92.60 प्रतिशत कालर्स ने सेवाओं पर संतुष्टि जताई है।
डायल-112 को जल्द ही पूरी तरह आटो डिस्पैच आधारित, एआइ संचालित और रियल-टाइम मानिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एंबुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम को शामिल किया जाएगा।
तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आये हैं।
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