नर्मदापुरम / उज्जैन/जबलपुर/खंडवा/खरगोन
उज्जैन में मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से श्रद्धालु स्नान के लिए शिप्रा नदी के रामघाट सहित दत्त अखाड़ा घाट और अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं। रामघाट पर सुबह से ही ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए।
मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को तिल के तेल से स्नान कराया गया. वही पुण्य सलिला शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं ने घाटों का रुख करना शुरू कर दिया.
कड़ी ठंड के बावजूद रामघाट और शिप्रा के अन्य घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई. स्नान के बाद भक्तों ने दान-पुण्य किया और महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया.
घाटों पर होने वाली भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों पर सतत निगरानी कर रही हैं। आला अधिकारियों के मुताबिक होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर मौजूद हैं, जो श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी देती रहीं।
इस बार 14-15 जनवरी को दो दिन संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज घरों में तिल और गुड़ की मिठास रहेगी, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर कई जगह पतंग महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा।
दोपहर 3:05 बजे मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत पंडित जी के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:05 बजे सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेगा। यानी दोपहर 3:05 बजे से सूर्य की मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत होगी।
दान-पुण्य के लिहाज इसका प्रभाव 15 जनवरी को माना जाएगा। क्योंकि धर्मशास्त्रों के अनुसार यदि सूर्य की संक्रांति दोपहर में या उसके बाद होती है, तो उसका पर्व काल अगले दिन मनाया जाता है।
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