सरकारी भूमि से हटाया कब्जा, झारखंड में 50 करोड़ की जमीन पर गरजा बुलडोजर

राज्य

धनबाद.

धनबाद में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू माफिया की हिम्मत इतनी बढ़ी हुई है कि दिन के उजाले में बिनोद बिहारी चौक पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दस पक्की दुकानें खड़ी कर दीं। लगभग 50 करोड़ रुपए की इस सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल पिछले एक महीने से चल रहा था। डीसी को सूचना मिलने पर धनबाद अंचल कार्यालय की टीम ने धनबाद थाने की टीम के साथ मिलकर सभी दस अवैध दुकानों को तोड़ दिया।

डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर एवं एसडीओ लोकेश बारंगे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर आठ लेन रोड के बिनोद बिहारी महतो चौक को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम तथा धनबाद सीओ रामप्रवेश कुमार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई दुकानें, अस्थाई निर्माण तथा पक्के निर्माण को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। जिला प्रशासन के इस अभियान से आसपास अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

विरोध करने पहुंची महिला को हिरासत में लिया: जिस समय दुकानों को तोड़ा जा रहा था, उसी समय एक महिला वहां पहुंचकर हंगामा करने लगी। महिला ने इसे अपनी जमीन बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद महिला पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लेकर धनबाद थाने के हवाले कर दिया। देर शाम उसे थाने से छोड़ा गया। जिला प्रशासन को सूचना मिली है कि किसी ने इस जमीन को बेचा भी है। इसकी जांच होने के बाद ही पूरा मामले सामने आएगा।

सरकारी जमीन पर अवैध रूप से लिया बिजली कनेक्शन : अभियान के दौरान यह भी उजागर हुआ कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों ने बिजली कनेक्शन भी ले रखा था। इसकी भी जांच की जाएगी। मौके से करीब 50 बोरी सीमेंट, स्टोन चिप्स सहित कुछ अन्य निर्माण सामग्री भी जप्त की गई है। डीसी ने सभी सीओ को अपने-अपने अंचल में ऐसा अभियान चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश दिया है। विशेषकर अंचल के प्रमुख स्थान तथा उन स्थानों पर, जिसके कारण हमेशा ट्रैफिक जाम होता है। ट्राफिक जाम के कारण अक्सर स्कूली वाहन, एम्बुलेंस सहित जिले की बड़ी आबादी प्रभावित होती है।

इस मामले की जानकारी देते हुए धनबाद के कलेक्टर आदित्य रंजन ने बताया कि बिनोद बिहारी चौक के समीप सरकारी जमीन पर कब्जे करने की शिकायत जिला प्रशासन को मिली थी। कई बार लोगों को उस सरकारी जमीन को खाली कर देने की सूचना भी दी गई थी। नोटिस के बाद भी किसी अवैध कब्जाधारी ने अतिक्रमण नहीं हटाया। जिसके बाद आज यह कार्रवाई की गई।

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