पर्यटन मंत्री दीया कुमारी का संदेश: ‘संस्कृति को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए’

राज्य

जयपुर
 राजस्थान के जयपुर में मकर संक्रांति के मौके पर टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सच में एक खूबसूरत इवेंट था। पूरे जयपुर में आतिशबाजी हो रही थी। यहां आए पर्यटकों को भी काफी आनंद मिला है। लोग अपने घरों से पटाखे चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत अच्छा दिन है, मकर संक्रांति के दिन लोगों ने सुबह पतंगें उड़ाईं, लोग अब आतिशबाजी देख रहे हैं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

 यह हमारी संस्कृति है, हमारा त्योहार है और इसे बढ़ावा देना चाहिए, नई पीढ़ी को समझना चाहिए और इसे आगे बढ़ाना चाहिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ऐसे इवेंट्स को बढ़ावा देने की कोशिश करती है, हमने घूमर फेस्टिवल किया, हम इसे हर जिले तक ले जाने की कोशिश करेंगे, यह बहुत जरूरी है। हम यहां टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन टूरिस्ट्स को अच्छा अनुभव देना जरूरी है, जो हमारे पास पहले से है, अगर हम उन्हें बचाकर रखें, उन्हें बेहतर बनाएं, कनेक्टिविटी दें, तो यह भी एक उपलब्धि होगी।

एक्स पोस्ट में डिप्टी सीएम ने लिखा कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जयपुर के विश्व-प्रसिद्ध हवामहल पर राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित भव्य लालटेन प्रज्ज्वलन एवं आतिशबाजी कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रंग-बिरंगी लालटेनें और आतिशबाजी ने हवामहल की ऐतिहासिक भव्यता को और भी आकर्षक बना दिया। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने का एक सुंदर प्रयास है।
राजस्थान की लोकसंस्कृति, पर्व-परंपराओं और पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से भविष्य में प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रकार के विशिष्ट और आकर्षक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि हर अंचल की पहचान विश्वभर में स्थापित हो सके।

उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं समर्पित कार्यकर्ता बंधुओं के साथ हर्षोल्लास एवं पारस्परिक सौहार्द के साथ मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने के साथ जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। वरिष्ठजनों का सान्निध्य और कार्यकर्ताओं का उत्साह संगठन की मजबूती और एकता का प्रतीक है।

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