पंचकूला.
अब फ्लैट या प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों को एक जनवरी से लागू भी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में बनने वाले बुनियादी ढांचों के विकास के लिए ईडीसी लेती है।
आमतौर पर बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को खरीदार और निवेशकों पर डाल देते हैं। ईडीसी बढ़ने से प्रदेश में आवासीय तथा कामर्शियल संपत्ति महंगी हो जाएगी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। बढ़ोतरी का असर फ्लैट, प्लॉट और कामर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों पर पड़ेगा। आने वाले प्रोजेक्ट्स में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
क्या होंगी संशोधित दरें
संशोधित दरों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। इसमें ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर निर्धारित की गई है। फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्रों को सरकार ने उच्च-संभावित क्षेत्र माना है। यहां प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी (पर्यावरण वितरण शुल्क) 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। ग्रुप हाउसिंग कालोनियों के लिए 400 पीपीए (प्रति एकड़ आवासीय स्वामित्व) के लिए 4.94 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए के लिए 3.71 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क लागू होगा। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा सरकार आमजन की जेब पर डाका डाल रही है।
इन शहरों पर पड़ेगा ज्यादा फर्क
ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क लगेगा मध्यम पोटेंशियल जोन में आने वाले अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल, पलवल, यमुनानगर, धारूहेड़ा, पृथला, गन्नौर और होडल जैसे शहरों में भी इसका असर दिखेगा। इन इलाकों में प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी 82 लाख रुपये प्रति एकड़ होगी। ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए पर 2.47 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क रहेगा।
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