रांची.
झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव में खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसमें दस लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में मेयर के प्रत्याशी 25 लाख और पार्षद के प्रत्याशी पांच लाख रुपए तक ही चुनावी खर्च कर पाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने जनसंख्या के आधार पर बांटे गए नगर निकायों के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की है। इसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की गई है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव समाप्ति के 30 दिनों के अंदर अपने-अपने रिटर्निंग ऑफिसर को खर्च का हिसाब देना अनिवार्य है। प्रत्याशियों द्वारा नियुक्त निर्वाचन अभिकर्ता को प्रत्याशी के चुनाव खर्च का हिसाब देना होगा।
अगर कोई जीता हुआ प्रत्याशी 30 दिनों के अंदर चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देता है तो उसकी सदस्यता रद्द करते हुए उसे अगले तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोक दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार कोई भी प्रत्याशी अगर सरकारी भवनों पर झंडा-बैनर या प्रचार सामग्री लगाता है तो उसपर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं निजी भवनों में झंडा-बैनर लगाने पर उस भवन मालिक से लिखित में सहमति पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।
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