छत्रपति यादव के भोज में पहुंचे दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष, बिहार कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी

राज्य

पटना.

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में गुटबाजी और तेज हो गई है। बिहार कांग्रेस के नाराज गुट की ओर से शुक्रवार को मकर संक्रांति का दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। पूर्व विधायक छत्रपति यादव के पटना स्थित आवास पर आयोजित इस भोज में दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कई जिला अध्यक्ष समेत प्रदेश नेतृत्व से नाराज चल रहे कई नेता शामिल हुए। यह भोज सूबे के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

दही-चूड़ा भोज का आयोजन एआईसीसी सदस्य आनंद माधव, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, राजकुमार राजन एवं नागेंद्र पासवान विकल की ओर से किया गया। छत्रपति यादव ने कहा कि भोज में सभी कांग्रेसियों के अलावा उन नेताओं को भी बुलाया गया जिन्हें प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में निमंत्रण नहीं दिया गया था। आनंद माधव ने कहा कि यह कोई राजनीतिक भोज नहीं है।
बीते सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी का आधिकारिक दही-चूड़ा भोज आयोजित हुआ था। उसमें नाराज गुट के नेता नहीं दिखे थे। पार्टी के सभी 6 विधायकों ने भी इससे दूरी बनाए रखी थी। हालांकि, नेताओं की नाराजगी की बात से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने इनकार किया था।

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश कांग्रेस के एक गुट ने प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर पैसे लेकर बाहरियों को चुनाव में टिकट देने का आरोप लगाया था। चुनाव नतीजों में पार्टी को करारी हार मिली तो नाराज गुट का विरोध तेज हो गया। पटना से लेकर दिल्ली तक पार्टी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया।

अब इस गुट को दो पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह और मदन मोहन झा का भी खुलकर समर्थन मिल गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में गुटबाजी चरम पर पहुंचने के आसार नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, एनडीए की ओर से कांग्रेस के सभी 6 विधायकों के पाला बदलने के दावे भी किए जा रहे हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry