अमृतसर
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में एक मुस्लिम युवक न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया।
वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी
आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें।
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