चंडीगढ़
बीते दिनों मुक्तसर माघी मेले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ये कहा था कि जो गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पावन स्वरूपों का मामला चल रहा है उसमें से कुछ स्वरूप बंगा के पास गांव माजारा नौ आबाद में धार्मिक अस्थान रसोखाना श्री नाभ कंवल राजा साहिब से मिले हैं। इस बयान के बाद उक्त धार्मिक अस्थान से जुड़ी संगत ने सख्त प्रतिक्रिया दी और मान सरकार की कड़ी निंदा की।
उसी दिन देर शाम इस इलाके के विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी, जो अकाली दल बादल की टिकट से जीतकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे और आम आदमी पार्टी ने उन्हें कैबिनेट रैंक दिया था। इसके साथ ही विभाग का चेयरमैन कन्वीनर लगाया गया था। उन्होंने उसी दिन देर रात श्री राजा साहिब अस्थान पर जाकर इस बयान की निंदा की था और इसे अपनी आस्था का केंद्र बताया था।
इस मामले से अस्थान से श्रद्धा से जुड़ी संगत में सरकार के प्रति काफी रोष पैदा हुआ है। वहीं आज फिर करीब 12 बजे विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी ने अस्थान पर जाकर अपना रोष जताते हुए चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया और कहा कि इस मामले में उन्हें बहुत ठेस पहुंची है। उन्होंने सीधे शब्दों में आम आदमी सरकार के इस कदम से माहौल खराब होने के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि वह कुछ लोग गलत प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं, जिससे वे दुखी हैं।
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