भोपाल
मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने टीम इंडिया की हार को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि टीम इंडिया न्यूजीलैंड से इसलिए हारी क्योंकि खिलाड़ियों ने इंदौर का दूषित पानी पिया था. इस बयान के बाद खेल से लेकर राजनीति तक बहस छिड़ गई.
इंदौर का पानी और खिलाड़ियों के लिए बना काल
पीसी शर्मा ने इंदौर की जल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब आम जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है, तो खिलाड़ी कैसे बचे रहेंगे. उनका कहना था कि खराब पानी से सेहत पर असर पड़ता है और यही वजह टीम इंडिया की हार भी हो सकती है.
हार से ज्यादा बयान पर चर्चा
टीम इंडिया की हार पर जहां क्रिकेट फैंस निराश थे, वहीं पीसी शर्मा का यह बयान चर्चा का केंद्र बन गया. सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच में पानी की गुणवत्ता खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है या फिर यह सिर्फ एक सियासी तंज है. बयान के बाद इंदौर नगर निगम और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया.
बीजेपी पर भी साधा निशाना
पीसी शर्मा यहीं नहीं रुके. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब शहर में पानी जैसी बुनियादी सुविधा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, तब जश्न मनाना संवेदनहीनता है. उन्होंने कहा कि इतनी मौतें हो चुकी हैं और ये लोग उत्सव मना रहे हैं, यह समझ से परे है.
बयान से बढ़ी सियासी गरमी
बीजेपी की ओर से इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया गया है, जबकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि पीसी शर्मा ने एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया है. फिलहाल बयान ने इंदौर की पानी व्यवस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी और खेल को राजनीति से जोड़ने पर नई बहस छेड़ दी है.
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