रायपुर
तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और राजमोहिनी देवी योजना के तहत लाभ दिए जा रहे हैं l
छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए चरणपादुका योजना को पुनः शुरू किया है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई यह जनहितैषी योजना अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उनकी संवेदनशीलता के कारण फिर से शुरू की गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की "गारंटी" के अनुरूप गरीब हितैषी शासन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया है।
12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ
वितरित हुई उच्च गुणवत्ता की चरणपादुकाएं
वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखिया को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं प्रदान की गईं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये व्यय किए। इस कदम से जंगलों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिली हैं।
वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी मिलेगा लाभ
वन मंत्री श्री कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह निर्णय संग्राहक परिवारों के लिए ऐतिहासिक और लाभकारी सिद्ध होगा।
पारदर्शी प्रक्रिया — खरीदी जेम पोर्टल से
सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रहे। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित की जा रही चरणपादुकाएं उच्च गुणवत्ता पूर्ण हैं और उन पर एक वर्ष की वारंटी भी दी जा रही है। यह सरकार की गुणवत्ता और लाभार्थी हितों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
वनांचल क्षेत्रों में उमंग, सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री कश्यप के इस निर्णय से वनांचल क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है। चरणपादुका योजना सीधे उन मेहनतकश तेंदूपत्ता संग्राहकों तक राहत पहुँचा रही है, जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों में कार्य करते हैं और अपनी आजीविका जुटाते हैं।
यह योजना न केवल सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही है जो सुशासन और अंत्योदय की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बन गई है।
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