वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रद्दीकरण नियम: जानें कैसे मिलेगा पूरा रिफंड और क्या है शर्तें

देश

नई दिल्ली

हाल ही में पीएम मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच चलने वाली यह ट्रेन 14 घंटे में सफर तय करेगी. वहीं वंदे भारत ट्रेन के टिकट और रियायतों से जुड़े नियम दूसरी ट्रेनों से अलग है. दरअसल भारतीय रेलवे ने नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इन प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अब टिकट कैंसिल करने पर पहले की तुलना में ज्यादा चार्ज देना होगा. रेलवे के नए नियमों के अनुसार तय समय सीमा के अंदर टिकट कैंसिल नहीं करने पर यात्रियों को पूरा रिफंड नहीं मिलेगा और कुछ मामलों में तो रिफंड बिल्कुल भी नहीं होगा. 

अब टिकट कैंसिल करने पर कितना कटेगा पैसा?

रेलवे की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कंफर्म टिकट कैंसिल करने पर अलग अलग समय सीमा में अलग चार्ज तय किया गया है. दरअसल अब अगर कोई यात्री टिकट खरीदने के बाद उसे कभी भी कैंसिल करता है तो कम से कम 25 प्रतिशत  राशि काटी जाएगी. वहीं अगर टिकट ट्रेन के निर्धारित डिपार्चर टाइम से 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले तक कैंसिल किया जाता है तो किराए का 50 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा. वहीं सबसे सख्त नियम यह है कि अगर टिकट ट्रेन के रवाना होने से 8 घंटे से कम समय पहले कैंसिल किया गया तो यात्रियों को किसी तरह का कोई रिफंड नहीं मिलेगा. 

क्यों बदले गए नियम?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये नए नियम इसलिए लागू किए गए हैं क्योंकि अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पहले यह प्रक्रिया 4 घंटे पहले होती थी. इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए कैंसिलेशन पॉलिसी  को भी सख्त किया गया है. 

बाकी ट्रेनों से कैसे अलग है यह नियम?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के कैंसिलेशन नियम अन्य ट्रेनों और मौजूदा वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों से काफी अलग है. आम ट्रेनों में तय समय से पहले टिकट कैंसिल करने पर एक फ्लैट चार्ज लिया जाता है. जैसे फर्स्ट एसी में 240 रुपये, सेकंड एसी में 200, थर्ड एसी में 180, स्लीपर में 120 रुपये और सेकंड क्लास में 60 रुपये लिए जाते हैं.  लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में फ्लैट चार्ज की जगह प्रतिशत के हिसाब से कटौती की जाएगी, जिससे यात्रियों पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ सकता है. 

नहीं मिलेगी RAC की सुविधा 

रेलवे बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे. यानी इन ट्रेनों में RAC रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं होगी. यही वजह है कि टिकट कैंसिलेशन के नियमों को और सख्त बनाया गया है. इसके अलावा नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में सिर्फ कुछ चुनिंदा कोटे ही लागू होंगे. इनमें महिलाओं का कोटा, दिव्यांग यात्रियों का कोटा, वरिष्ठ नागरिकों का कोटा और ड्यूटी पास पर यात्रा करने वालों का कोटा शामिल है. इसके अलावा किसी और तरह का आरक्षण लागू नहीं होगा. साथ ही इन ट्रेनों के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है.

About the author कविता गाडरी

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 

पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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