इंदौर में पानी संकट की गहन जांच के लिए बनी राज्य समिति

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल/इंदौर
मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में दूषित जल पीने से हुई त्रासदी की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति बनाई गई है, जिसमें अध्यक्ष के अलावा तीन सदस्य होगें। आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि इंदौर नगर में प्रदूषित जल आपूर्ति के घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर निष्कर्ष, सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिए राज्य शासन ने अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि, आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य बनाया गया है। आयुक्त इंदौर संभाग, इंदौर सुदाम खाड़े को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।
राज्य स्तरीय यह समिति इंदौर के भागीरथपुरा में घटित घटना के वास्तविक कारणों एवं आवश्यक तथ्यों का परीक्षण करना एवं घटना से संबंधित प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रबंधनगत कमियों का विश्लेषण करेगी। समिति घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुझाव देना और अन्य मसलों को भी जांच में शामिल कर सकेगी।
समिति संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख, प्रतिवेदन एवं जानकारी प्राप्त कर सकेगी तथा आवश्यकता होने पर स्थल निरीक्षण भी करेगी। समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन यथाशीघ्र किन्तु अधिकतम एक माह के भीतर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।
दरअसल पिछले दिनों इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग बीमार हुए थे। इसके बाद सरकार ने कई अधिकारियों के तबादले किए और निलंबन भी किया। इस पर राजनीति भी खूब हो रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इंदौर का दौरा कर चुके हैं।

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