इंदौर
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान एक और व्यक्ति, हेमंत गायकवाड़ (51), ने दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के साथ ही शहर में दूषित पानी से मरने वालों की कुल संख्या अब 25 हो गई है। अस्पताल में 14 दिनों तक चला संघर्ष भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़ को 22 दिसंबर को गंदा पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले वर्मा नर्सिंग होम और बाद में 7 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, हेमंत पहले से कैंसर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन दूषित पानी के संक्रमण (उल्टी-दस्त) के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और ई-रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी चार बेटियां— रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12)— अनाथ हो गई हैं। परिवार के सामने अब जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेटी जिया ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के कारण पिता की राहुल गांधी से मिलने की अंतिम इच्छा भी अधूरी रह गई।
भागीरथपुरा में दहशत का माहौल
क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए।
ताजा स्थिति : कुल मौतें-25, अभी भर्ती मरीज-38, ICU में- 10 मरीज (3 वेंटिलेटर पर)।
प्रशासनिक लापरवाही : भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों के कारण लोगों में भारी आक्रोश और दहशत है। अस्पताल में अभी भी कई मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
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