चंडीगढ़.
पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर आगामी संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमृतपाल सिंह ने अपनी नई याचिका में कहा है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते इस सत्र में उनकी उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि संसद में भाग लेना न केवल उनका संवैधानिक अधिकार है, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का दायित्व भी है। अमृतपाल सिंह ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने गए प्रतिनिधियों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित रखना जनता के मताधिकार और प्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र की आवाज संसद में नहीं पहुंच पाएगी।
पहले भी खटखटा चुके कोर्ट का दरवाजा
याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इससे पहले भी उन्होंने सीमित अवधि के लिए संसद में उपस्थित होने की अनुमति मांगी थी, ताकि वह शपथ, प्रश्नकाल और बहसों में भाग ले सकें। अमृतपाल सिंह का कहना है कि वह न्यायालय द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार हैं, जिससे कानून व्यवस्था या जांच प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से पहले यह दलील दी जाती रही है कि सुरक्षा और जांच से जुड़े कारणों के चलते उन्हें बाहर जाने की अनुमति देना उचित नहीं है। अदालत ने पूर्व में भी इस विषय पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं। पिछली बार हिदायत दी थी कि समय पर आवेदन किया जाए। अब एक बार फिर इस नई याचिका पर सुनवाई होनी है।
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