अब फ्लाईओवर से सीधे स्टेशन में होगी एंट्री, पटना का हार्डिंग पार्क टर्मिनल बदलेगा तस्वीर

राज्य

पटना.

राजधानी पटना के हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेलवे टर्मिनल का काम करीब छह महीने बाद फिर से शुरू हो गया है. इस बार रेलवे ने पूरी तरह नए डिजाइन के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है. लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक यह टर्मिनल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए और पटना को एक अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट हब की सौगात मिले.

खास बात यह है कि जीपीओ से आर ब्लॉक की ओर जाने वाले फ्लाइओवर को सीधे स्टेशन से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी का अनुभव मिलेगा.

फ्लाइओवर से स्टेशन तक सीधी एंट्री
नए डिजाइन के तहत हार्डिंग पार्क में एक फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जो फ्लाइओवर को सीधे रेलवे टर्मिनल से कनेक्ट करेगा. यानी यात्री फ्लाइओवर से उतरते ही सीधे स्टेशन परिसर में पहुंच सकेंगे. इससे शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और समय की बचत भी होगी. जीपीओ गोलंबर की ओर से करीब साढ़े सात फुट ऊंची चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे स्टेशन क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके.

अतिक्रमण बना चुनौती, हटाने की प्रक्रिया तेज
छह महीने तक काम रुके रहने के कारण हार्डिंग पार्क के आसपास अतिक्रमण तेजी से बढ़ गया. जीपीओ गोलंबर से लेकर आर ब्लॉक तक झोपड़ियां बस गई हैं. अब निर्माण एजेंसी ने जिला प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम की गति बनाए रखने के लिए क्षेत्र को जल्द अतिक्रमण मुक्त करना जरूरी है.

हार्डिंग पार्क के लिए अलग बिजली लाइन
हार्डिंग पार्क टर्मिनल और वहां से चलने वाली ट्रेनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए 33 केवी की नई अलग बिजली लाइन बिछाई जाएगी. करीब 2.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत केबल डाली जाएगी, ताकि पटना जंक्शन, रेलवे कॉलोनी और कार्यालयों पर पड़ने वाले लोड का असर इस टर्मिनल पर न पड़े. इससे ट्रेनों के संचालन में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी.

दो फेज में बनेगा टर्मिनल, खर्च होंगे 150 करोड़
हार्डिंग पार्क टर्मिनल का निर्माण दो फेज में किया जाएगा. पहले फेज पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिनसे लोकल ट्रेनों का संचालन होगा. पहला फेज जून 2027 तक और दूसरा फेज उसके बाद डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है. कुल मिलाकर तीन साल में स्टेशन को पूरी तरह विकसित करने की योजना है.

एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का दावा
रेलवे का कहना है कि हार्डिंग पार्क टर्मिनल में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. मेट्रो और सड़क मार्ग से इसकी सीधी कनेक्टिविटी होगी. यह परियोजना अमृत भारत योजना के तहत पटना जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. जगह की कमी के कारण पटना जंक्शन का विस्तार संभव नहीं था, इसलिए हार्डिंग पार्क को वैकल्पिक बड़े टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है.

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