बयान से हत्या तक: नुपुर शर्मा मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों जोड़ा आतंकवाद से, समझिए पूरी कहानी

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मुंबई
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई नृशंस हत्या के मामले में आरोपी पशु चिकित्सक युसूफ खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल एक हत्या नहीं थी, बल्कि जनता के मन में दहशत पैदा करने के इरादे से बनाया गया एक आतंकी गिरोह का कृत्य था। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस श्याम सी. चांडक की खंडपीठ ने यूएपीए के तहत खान की अपील को खारिज करते हुए कहा, "आरोपियों ने अपने धर्म के कथित अपमान का बदला लेने के लिए एक गिरोह बनाया। इनका उद्देश्य उमेश कोल्हे की बेरहमी से हत्या करना और आम जनता के मन में डर पैदा करना था, चाहे वे नुपुर शर्मा की टिप्पणियों का समर्थन करते हों या नहीं।"
 
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला मई 2022 में भाजपा की तत्कालीन प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा एक टीवी डिबेट के दौरान दी गई विवादित टिप्पणी से शुरू हुआ था। उमेश कोल्हे ने पशु चिकित्सकों के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में नुपुर शर्मा के समर्थन वाला एक संदेश साझा किया था। युसूफ खान उस ग्रुप का एकमात्र मुस्लिम सदस्य था। उसने उस मैसेज का स्क्रीनशॉट लिया। खान ने कथित तौर पर कोल्हे का मोबाइल नंबर थोड़ा बदलकर और एक उकसाने वाला कैप्शन लिखकर उसे व्यापक रूप से प्रसारित कर दिया।

कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर युसूफ खान की भूमिका को साजिश में महत्वपूर्ण माना। कोल्हे की दुकान के पते का जिक्र करना और संदेश को ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में भेजने का आह्वान यह दर्शाता है कि कोल्हे को जानबूझकर निशाना बनाया गया था। कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) के मुताबिक, हत्या से पहले और बाद में खान और अन्य आरोपियों के बीच 25 बार बातचीत हुई थी। अदालत ने गौर किया कि खान ने संदेश के जरिए गुस्सा भड़काने के बाद खुद को अन्य आरोपियों से दूर कर लिया था ताकि वह कानून की पकड़ से बच सके, लेकिन वह पृष्ठभूमि से लगातार सक्रिय था।

अदालत ने कहा कि साजिशें गुप्त रूप से रची जाती हैं और उनके लिए प्रत्यक्ष साक्ष्य मिलना कठिन होता है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य खान की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। बेंच ने निष्कर्ष निकाला कि इस कृत्य ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।

आपको बता दें कि अमरावती के उमेश कोल्हे की जून 2022 में तब हत्या कर दी गई थी जब वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।

 

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