दरभंगा.
दरभंगा महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी महाधिरानी कामसुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए आज बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां दरभंगा पहुंचेंगे। राज्यपाल सुबह 11 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे सड़क मार्ग से कल्याणी निवास जाएंगे।
राज्यपाल कल्याणी निवास में करीब 30 मिनट तक रुकेंगे और इसके बाद पुनः एयरपोर्ट पहुंचकर पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल के आगमन को लेकर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्राद्धकर्म कार्यक्रम से पूर्व ही कल्याणी निवास में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय सहित कई गणमान्य अतिथि पहुंच चुके हैं।
कौन थीं महारानी कामसुंदरी देवी?
महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा के अंतिम शासक महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी थीं। उन्हें ‘महारानी कल्याणी’ के नाम से भी जाना जाता था। वे भारत में ‘महाधिरानी’ की उपाधि धारण करने वाली अंतिम जीवित व्यक्ति मानी जाती थीं। महारानी ने अपने पति की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी। इसके माध्यम से उन्होंने मिथिला की सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने महाराजा की निजी लाइब्रेरी को आम जनता और शोधकर्ताओं के लिए खोलकर उल्लेखनीय कार्य किया। महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को तड़के सुबह दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में हुआ। उनकी आयु 94 से 96 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थीं। सितंबर 2025 में गिरने के बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज की गंभीर समस्या हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार दरभंगा के शाही श्यामा माई मंदिर परिसर (माधेश्वर परिसर) में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
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